छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम पंचायत नगवाही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो वर्षों से बंद पड़ी नल-जल योजना के नाम पर पंचायत को लगभग 6 लाख रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया है। इस भारी-भरकम बिल ने पंचायत की वित्तीय स्थिति पर चिंता की लहर दौड़ा दी है और विभागीय लापरवाही की ओर इशारा किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत नगवाही में नल-जल योजना पिछले दो सालों से पूरी तरह ठप है। गांव के अधिकांश घरों में अभी तक पानी के लिए नल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं, और पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, जल आपूर्ति कभी भी सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी। योजना के तहत स्थापित पंप हाउस भी लंबे समय से बंद है, और इस संबंध में पंचायत द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को कई बार लिखित सूचना भी भेजी जा चुकी है। इन सबके बावजूद, जब बिजली विभाग की ओर से लगभग छह लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल भुगतान के लिए आया, तो सरपंच और सचिव दोनों ही हैरान रह गए। सरपंच का कहना है कि जब पंप हाउस चालू ही नहीं हुआ, मोटर नहीं चली और पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो इतने बड़े बिल भेजना समझ से परे है। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही का नतीजा बताते हुए कहा कि वर्षों से बंद पड़ी योजना का बिल देना पंचायत की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ेगा।