मध्यप्रदेश में 38 दिनों तक विचरण करने के बाद तीन जंगली हाथियों का दल एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सीमा में लौट आया है। हाथियों की आमद के बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले का वन विभाग अलर्ट मोड पर है और प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मध्यप्रदेश के जैतहरी और अनूपपुर क्षेत्र में करीब 38 दिनों तक विचरण करने के बाद तीन हाथियों का दल रविवार सुबह फिर से छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर गया। हाथियों के लौटते ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तीनों हाथी रविवार तड़के गूजरटोला स्थित गूजर नाला पार कर मरवाही वन परिक्षेत्र की सिवनी वन बीट अंतर्गत मालाडांड गांव के पास बांस प्लांटेशन के कक्ष क्रमांक 2085 में पहुंचे, जहां वे कुछ समय तक विश्राम करते रहे।
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी जा रही है।
तीनों हाथियों की वापसी से मालाडांड, सिवनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल की ओर जाने से बचें, हाथियों के नजदीक न जाएं और किसी भी प्रकार की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
वन अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी विभाग की प्राथमिकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वन अमले की भी तैनाती की जाएगी।