गौरेला-पेंड्रा-मरवाहीजिला कांग्रेस कमेटी जीपीएम ने भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में माधवराव सप्रे जिला प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता में जिला स्तरीय प्रभारी एवं पूर्व विधायक बिलासपुर शैलेश पांडेय, डॉ. के.के. ध्रुव, जिलाध्यक्ष गजमती भानु, ओमप्रकाश बांका, रमेश साहू, पुष्पराज सिंह ठाकुर एवं मूलचंद कुशराम सहित कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है।
पांडेय ने स्मार्ट मीटरों व Fuel Cost Adjustment Charges (फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट चार्जेस) को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद वास्तविक खपत से अधिक बिजली खपत दर्शाई जा रही है तथा बिना उपभोक्ताओं की सहमति के अनुबंध भार बढ़ाकर अतिरिक्त अर्थदंड जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जून माह में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को औसत से तीन गुना तक अधिक बिजली बिल प्राप्त हुए हैं। कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गजमती भानु ने कहा कि प्रदेश की जनता बिजली कटौती और अनाप-शनाप बिजली बिलों से परेशान है। सरकार 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने में असफल रही है और इसके बावजूद बिजली दरों में बढ़ोतरी कर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बिजली दर वृद्धि वापस लेने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। इस अवसर पर कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।