गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध धान तस्करी के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में धान की अवैध आवक रोकने के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता से काम कर रहा है। मरवाही अनुविभाग में एसडीएम के नेतृत्व में चलाए जा रहे जांच अभियान में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच में पाया गया कि कुछ किसानों ने खेतों और खलिहानों में धान उपलब्ध न होने के बावजूद समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए टोकन कटवा रखे थे। इस पर मरवाही एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिछले दो दिनों में लगभग 1500 क्विंटल धान का रकबा समर्पित कराया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक रूप से धान न होने वाले किसानों का रकबा निरस्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में, नगवाही गांव में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाया गया 130 क्विंटल अवैध धान भी जब्त किया गया है। किसान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने तस्करों के माध्यम से यह धान मंगवाया था।
एसडीएम मरवाही ने बताया कि टोकन कटवाए किसानों के खेतों और खलिहानों का भौतिक सत्यापन लगातार किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी रोकना और इसका लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचाना है। धान तस्करी, बिचौलियों और फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और अवैध धान कारोबारियों में भय का माहौल है।