दुर्ग के नया पारा वार्ड 1 स्थित चंद्रशेखर आजाद स्कूल में शनिवार को नशीली टेबलेट खाकर 8 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालात ये हो गए हैं कि नशे की गिरफ्त में आए 8 में सात बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ बच्चों का इलाज के बाद घर वापस भेज दिया है। जबकि एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है। सभी बच्चे 10 वी कक्षा के छात्र है और स्कूल में एक बच्चा ने नशीली दवाई को चॉकलेट बताकर अन्य बच्चों को दिया और बच्चों ने चॉकलेट समझकर नशीली दवाई का सेवन कर लिए। जिसके बाद एक एक कर बच्चों को चक्कर आने,बेहोश होने और शरीर अकड़न को शिकायत होने लगी । घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल को टीचर और परिजनो में हड़कंप मच गया। सभी बच्चों को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। जब बच्चों का इलाज किया गया अभी एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है।
इधर नशीली टेबलेट खाकर बच्चों की तबीयत बिगडऩे के बाद उनके परिजन गुस्से में सिटी कोतवाली पहुंच गए।जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया।जिसके बाद स्थिति को देखते हुए पुलिस ने स्कूल के प्राचार्य को थाने में बुलाकर पूछताछ किया। प्राचार्य ने पुलिस से कहा कि बच्चों को नशीली टेबलेट स्कूल के ही एक लड़के ने दी थी। वो आदतन नशेड़ी है। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने स्कूल के बाहर टेबलेट खाई थी।
जैसे ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर बीमार बच्चों के परिजनों ने थाने में स्कूल के प्राचार्य और टीचर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि जब उन्हें पता है कि नाबालिग लड़का नशे की टेबलेट लेता है तो उसे स्कूल से बाहर निकाल देना चाहिए था। स्कूल प्रबंधन ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते उनके बच्चों ने भी नशीली टेबलेट खा ली। फिलहाल पुलिस और स्कूल प्रबंधन मामले में जांच कर रही है।
बच्चों को खिलाई नशीली दवाई हुए बीमार।- फोटो : credit
बच्चों को खिलाई नशीली दवाई हुए बीमार।- फोटो : credit