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छत्तीसगढ़: संरक्षित वन क्षेत्रों के 10 किमी दायरे में आरा मिलें बंद, हाईकोर्ट ने सरकारी फैसले को ठहराया सही

अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Updated Tue, 07 Jul 2026 11:12 AM IST

बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही माना है, जिसमें अधिसूचित जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था। कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब इस क्षेत्र में सभी आरा मिलें बंद रहेंगी। कोर्ट ने इस संबंध में दायर कुल 19 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। 

कोर्ट ने कहा है कि हमें दिल्ली जैसा प्रदूषण नहीं चाहिए। कोर्ट ने 10 किलोमीटर के दायरे में बफर जोन के शासन के निर्णय को उचित ठहराया है। बता दें कि राज्य सरकार ने 25 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम,1984 की धारा 5(1) का उपयोग करते हुए जंगली क्षेत्र के आसपास 10 किमी के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया था। 

इस अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद वन विभाग ने इस दायरे में आनेवाली सभी आरा मिलों को बंद करने और उनके लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, इस आदेश के खिलाफ कई आरा मिल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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