कटघोरा के बाद अब बिलासपुर जिले की बोदरी नगर पालिका का अटल परिसर भी विवादों में आ गया है। करीब 20 लाख रुपये की लागत से स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की बाहरी परत उखड़ने लगी है, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता और खर्च में अनियमितता के आरोप लगने लगे हैं।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले की बोदरी नगर पालिका में निर्मित अटल परिसर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। करीब 20 लाख रुपये की लागत से स्थापित भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की बाहरी परत उखड़ने लगी है। प्रतिमा की स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बोदरी मार्ग स्थित अटल परिसर का उद्घाटन 10 जनवरी 2025 को क्षेत्रीय विधायक धरमलाल कौशिक ने किया था। लेकिन उद्घाटन के करीब डेढ़ साल बाद ही प्रतिमा में क्षति दिखाई देने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के सभापति विजय वर्मा ने मामले पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया और सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ। उनका कहना है कि प्रदेशभर में अटल जी के विचारों को सम्मान देने के उद्देश्य से अटल परिसर बनाए गए, लेकिन बोदरी में मानकों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने दावा किया कि अन्य निकायों में प्रतिमा स्थापित करने से पहले गुणवत्ता की जांच कराई गई थी, जबकि बोदरी में ऐसा नहीं किया गया। सभापति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगरीय प्रशासन मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी जाएगी।
बता दें कि इससे पहले कटघोरा नगर पालिका के अटल परिसर में स्थापित प्रतिमा को लेकर भी विवाद सामने आया था। वहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि ब्रॉन्ज की प्रतिमा के स्थान पर सीमेंट की प्रतिमा लगाकर उस पर ब्रॉन्ज जैसा रंग कर दिया गया। शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में निर्माण में अनियमितता की पुष्टि भी हुई थी।
अब बोदरी अटल परिसर का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।