बालोद जिले भर के स्कूलों में काम करने वाले रसोइए हड़ताल पर हैं जिसके कारण स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था चरमराई हुई है वहीं मध्यान्ह भोजन बनाने वाले लोगों ने सरकार पर वादा खिलाफ का आरोप लगाया और कहा कि जब तक हमारी 3 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जायेगा तब तक हम अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेंगे वहीं संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा मध्यान भोजन बनाने वाली महिलाओं के साथ उनके धरना स्थल पर समर्थन करते नजर आए विधायक ने कहा जब भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री का शपथ लिया तो सबसे पहले उन्होंने अपना वादा पूरा करते हुए किसानों का कर्ज माफ किया वहीं दूसरी ओर सायं सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाओं के तनख्वाह में 50 प्रतिशत वृद्धि की बात कही थी लेकिन अब सरकार सायं सायं सब बातों को दरकिनार कर रही है। विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि सरकार अपना वादा निभा पाने में असमर्थ नजर आ रही है चुनाव के पहले खुद ही रसोइयों को 50 प्रतिशत सैलरी बढ़ाने जा वादा किए थे आखिर अब उनका वादा कहां गया तत्कालीन सरकार में हर वादे पूरे किए हमने रसोइयों का पैसा बढ़ाया आज वो महज दो हजार रुपए में काम कर रहे हैं आखिर 60 रुपए की रोजी में किसका घर चलता है लेकिन ये काम कर रहे हैं, सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए लेकिन सरकार अपने में मस्त है और कुछ दिन तो पहले अपने अधिकार के लिए लड़ रहे दिव्यांगों के साथ मारपीट किया गया। जिले के रसोइया संघ के अध्यक्ष नुकेश सोनवानी ने कहा कि हम लगातार अपनी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं बीते 25 वर्षों से यह लड़ाई जारी है उन्होंने बताया कि हम चाहते हैं कि सरकार हमें कलेक्टर दर से भुगतान करे वहीं उन्होंने बताया कि जहां पर दर्ज संख्या कम हो रही है वहां पर रसोइयों का पद खत्म किया जा रहा है जिसे खत्म नहीं किया जाना चाहिए़ वहीं उन्होंने बताया कि अंशकालीन को पूर्ण कालीन किया जाता है। उन्होंने बताया कि लगभग जिले भर में 3 हजार रसोइयों के हड़ताल में जाने के बाद स्कूलों की व्यवस्था चरमराई हुई है और लगभग सभी जगह मध्यान्ह भोजन बंद है।