बालोद पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी के मामले को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि बालोद जैसा जिला आज प्रदेश में कम धान खरीदी के मामले में दूसरे नंबर पर है। यहां पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू को धान बेचने के लिए दिनभर सोसायटी में रहना पड़ा। आखिर सरकार कर क्या रही है? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अधिकारियों का राज चल रहा है। किसानों के साथ जितना भी अन्याय हुआ है, उसके लिए सरकार और उसके अधिकारी जिम्मेदार हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि पहले यहां किसानों को टोकन नहीं दिया गया और जब टोकन मिला तो उनका रकबा समर्पण कराया गया। वह भी जबरदस्ती रकबा समर्पण कराया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू 200 कट्टा धान लेकर सोसायटी में बैठी रहीं। उनके पति स्वर्गीय मदन साहू भी विधायक थे। अब सरकार में पूर्व विधायकों की यह स्थिति है, तो आम जनता का हाल आप सोच सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसान धान उत्पादन कर लिए तो क्या पाप कर दिए हैं? क्या हम चोर हैं? क्या किसी सरकार के खजाने में डाका डाल रहे हैं? कुछ इस तरह का व्यवहार किसानों के साथ किया जा रहा है। किसानों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार को अभी भी धान खरीदी के मामले को संज्ञान में लेना चाहिए। अभी भी ज्यादा समय नहीं हुआ है। किसानों का दोबारा सत्यापन कर लें। एक बार नहीं तो दूसरी बार फोटो ले लें। उन्हें टोकन दे दें और जो किसान धान नहीं बेच पाए हैं, उनका धान खरीदा जाए। आखिर किसान अपना धान लेकर कहां जाएंगे।
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान वे बालोद नगर के डाली चौक में रुके, जहां किसानों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की।