दीपावली का पर्व नजदीक आते ही जिला मुख्यालय बालोद में अवैध विज्ञापनों और बैनर-पोस्टरों की भरमार हो गई है। शहर के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर अंदरूनी सड़कों तक बिजली के खंभों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थानों पर बेतरतीब तरीके से विज्ञापन लगाए जा रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई के दावों के बावजूद कई जगहों पर ये पोस्टर अब भी दिखाई दे रहे हैं।
शहर के व्यस्त दल्ली चौक से लेकर शासकीय कॉलेज मार्ग तक बिजली के खंभों और डिवाइडरों पर पटाखों के बड़े-बड़े पोस्टर टंगे हुए हैं। इनमें ‘प्रकाश फटाका’ के पोस्टर प्रमुखता से नजर आ रहे हैं। मोड़ और चौराहों के आसपास लगे इन बैनरों से वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
छात्रों ने जताई नाराजगी, रास्ता देखने में परेशानी
कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं ने सड़क किनारे आंखों के स्तर पर लगाए गए पोस्टरों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इनकी वजह से सामने से आने वाले वाहनों को देखने में परेशानी होती है। दीपावली के दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने के बीच हवा में लहराते पोस्टर हादसों का कारण बन सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अवैध बैनर-पोस्टरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नियमों का उल्लंघन करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं।
नगर पालिका ने पोस्टर हटाने का दिया आश्वासन
इस मामले में नगर पालिका परिषद बालोद के सीएमओ खीरोद्र भोई ने बताया कि कुछ दिन पहले ही बिजली के खंभों से अवैध बैनर हटवाए गए थे। शेष पोस्टरों को भी नगर पालिका का अमला धीरे-धीरे हटा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।