देश के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत आज चंडीगढ़ की ऐतिहासिक सुखना लेक एक अनोखे और देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। इस खास मौके पर सुखना लेक पर एक भव्य 'वॉलकथॉन' (पैदल मार्च) का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब के माननीय राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया मुख्य रूप से शामिल हुए। हाथों में शान से लहराता तिरंगा थामे राज्यपाल कटारिया ने आगे बढ़कर इस मार्च का नेतृत्व किया। उनके साथ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी इस देशभक्ति यात्रा का हिस्सा बने। नारेबाजी से गूंज उठी सुखना लेक सुबह-सुबह सुखना लेक का शांत वातावरण 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे और हाथों में तिरंगा लिए स्कूली बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। हर नागरिक तक तिरंगे का संदेश पहुंचाना है लक्ष्य: राज्यपाल इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय को देश के प्रति उसकी जिम्मेदारी और वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने चंडीगढ़ वासियों और विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर इस राष्ट्रीय उत्सव का गौरव बढ़ाएं।प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस वॉलकथॉन का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच देशभक्ति की भावना को और गहरा करना और हर नागरिक को इस अभियान से जोड़ना है। सुखना लेक पर मौजूद सैलानी भी इस विहंगम दृश्य को देखकर भावविभोर हो गए और उन्होंने तालियां बजाकर मार्च का स्वागत किया।