पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर सरकार के खिलाफ निकाली गई ‘न्याय यात्रा’ के दौरान महिला कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह कार्रवाई गांधी मैदान और बिस्कोमान के पास की गई, जिसमें चार महिलाओं समेत कई कार्यकर्ता घायल हो गए। न्याय यात्रा का नेतृत्व ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की महिला कार्यकर्ता कर रही थीं।
जहानाबाद से निकली थी न्याय यात्रा
न्याय यात्रा की शुरुआत रविवार सुबह जहानाबाद से की गई थी। यह यात्रा अरवल, महाबलीपुर, पालीगंज, मसौढ़ी, धनरूआ और गौरीचक होते हुए संपतचक पहुंची, जहां विश्राम किया गया। इसके बाद 9 फरवरी को यात्रा कंकड़बाग, जक्कनपुर, चितकोहरा, दीघा और पटना जंक्शन होते हुए आगे बढ़ी। 10 फरवरी को प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा मार्च किया और गांधी मैदान पहुंचे। इस यात्रा में एपवा और आइसा के राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक रूप से सक्रिय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। एपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीनू तिवारी यात्रा का नेतृत्व कर रही थीं।
न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग
आइसा की प्रदेश अध्यक्ष प्रीति पटेल ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य छात्रा के लिए न्याय, निष्पक्ष जांच और महिलाओं की सुरक्षा की मांग करना है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा 4 फरवरी 2026 को जहानाबाद के पतियावा गांव से शुरू हुई थी और 10 फरवरी को विधानसभा मार्च के साथ समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ है।
ये भी पढ़ें: ट्रक ने बाइक सवार को NH 27 पर रौंदा, एक की मौत दूसरा पीएमसीच रेफर
प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज
मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पटना में विधानसभा घेराव का प्रयास किया। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिसके बाद महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ दिया गया।