वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की आंच अब भारत के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने लगी है। बिहार का बोधगया, जो शांति और आध्यात्म का प्रतीक माना जाता है, इन दिनों अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर झेल रहा है। विदेशी पर्यटकों की भारी कमी से यहां का पर्यटन उद्योग लगभग ठप हो गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट गहराने लगा है। ज्ञान और शांति की भूमि बोधगया में आम दिनों की रौनक अब गायब है। महाबोधि मंदिर परिसर, जहां पहले यूरोप, अमेरिका और रूस समेत कई देशों के पर्यटकों की भीड़ उमड़ती थी, आज सुनसान नजर आ रहा है। मंदिर में अब केवल स्थानीय श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे हैं।