यमुनाघाटी के सरुताल पहुंची समेश्वर देवता और मां राज राजेश्वरी की डोली के साथ ग्रामीण।
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यमुनोत्री धाम से लगी गीठ ओजरी पट्टी के आराध्य देव समेश्वर देवता के साथ कुलदेवी राज राजेश्वरी की डोली करीब 35 किमी पैदल यात्रा कर सरुताल बुग्याल पहुंची। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने समेश्वर देवता और राज राजेश्वरी की डोली से मनौतियां मांगी। नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई।
सावन के पावन मास के दौरान क्षेत्र में सामूहिक मेलों का आयोजन कर देवी देवताओं की पूजा की जाती है। पुजारी आशुतोष उनियाल कहते हैं कि सावन के मास में समेश्वर देवता बीते साल भी डोडीताल यात्रा पर गए थे। इस बार सरुताल गए हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन बाद कल देर शाम लौटने के बाद कोठार गांव में देवी देवताओं की डोली के साथ तांदी नृत्य कर उत्सव मनाया और आज सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया। संवाद