चिन्यालीसौड़ की दशगी पट्टी में मौण मेला के दौरान जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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दशगी पट्टी का ऐतिहासिक मौण मेला धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं रणसिंघे के साथ दुगड्डा तोक में मौण डालकर मछलियां पकड़ीं। मेले में दशगी हातड़ सहित गोडर, खाटल, बिष्ट, भण्डारस्यूं, इडालस्यूं पट्टी के 108 गांवों के 8 हजार ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने हाथों की लाठियां आपस में बजाकर खूब नृत्य किया।
मेले में परंपरा अनुसार मौण में टिमरू व अखरोट के छिलकों को सुखा कर फिर घराट में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है। इसके नदी में पड़ते ही मछलियां बेहोश होकर ऊपर आ जाती हैं और उन्हें पकड़ने के लिए लाए हुए फट्याला, कुड्याला के साथ भारी संख्या में नदी में कूद पड़ते हैं। कहा जाता है कि मेले में भाग्यशाली के हाथ ही मौण की मछलियां लगती है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, कांग्रेस ओबीसी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष संजय डोभाल, पूर्व राज्यमंत्री जगबीर सिंह भंडारी, प्रदीप कैंतुरा, राजेंद्र रांगड़, राजेंद्र कुमार, दरमियान बिष्ट, दीपेंद्र कोहली, जसबीर सिंह बिष्ट, पंकज भंडारी आदि मौजूद थे।