विकासखंड मोरी के आराकोट क्षेत्र में बादल फटने से आई आपदा की दूसरी बरसी पर स्थानीय लोगों ने काला दिवस मनाया। ग्रामीणों का कहना था कि दो साल बाद भी प्रशासन ने सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए हैं। प्रशासन लगातार क्षेत्र की अनदेखी कर रहा है। बंगाण संघर्ष समिति ने समस्याओं का जल्द निराकरण न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को टिकोची में हुई बंगाण संघर्ष समिति ने बैठक में अध्यक्ष राजेंद्र नौटियाल ने कहा कि आज के ही दिन दो वर्ष पूर्व आराकोट क्षेत्र में बादल फटने से भयंकर आपदा आई थी। जिसमें 20 लोगों ने जान गंवाई थी। आपदा के दो वर्ष बाद भी क्षेत्र में स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्षेत्र में मोटर मार्ग, पुल, सिंचाई नहर एवं पेयजल योजनाएं आज भी क्षतिग्रस्त हैं। प्रशासन ने आपदा पीड़ितों को राहत राशि के नाम पर एक हजार से लेकर सात हजार के चेक देकर मुंह मोड़ लिया। बंगाण संघर्ष समिति के बैनर तले काश्तकारों का ऋण माफ करने व मुआवजा देने की मांग पर सीएम से मुलाकात भी की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में केसीसी ऋण माफ करने, आपदा पीड़ितों को कृषि भूमि के लिए सरकारी पट्टे पर भूमि देने की मांग भी की गई।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप बांह पर काला फीता बांधकर काला दिवस मनाया। इस दौरान दो मिनट का मौन रख मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। बैठक में मनमोहन चौहान, ग्राम प्रधान दुचाणू अमिता चौहान, ग्राम प्रधान डगोली रंजना देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य चिंवा रीता देवी, विनोद रावत,धर्मेन्द्र, गणेश चौहान आदि मौजूद थे।