मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने पूछा कि आप पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर दोषारोपण करते हैं कि उन्होंने अपने साथियों का ख्याल नहीं रखा, जिससे बगावत हुई। लेकिन भाजपा ही अपने कार्यकर्ताओं के प्रति कहां संवेदनशील है?
गंभीर हालत, आर्थिक तंगी के बीच लल्लन सिंह जिंदगी-मौत के बीच हैं, लेकिन कोई देखने तक नहीं गया। इस पर भगत दा गंभीर हो गए। बड़े शालीन अंदाज में साफगोई से स्वीकारा कि ‘ऐसी चूक कतई नहीं होनी चाहिए थी। यह गलती हुई है।’
घोड़े शक्तिमान की टांग के इलाज में प्रदेश सरकार, कांग्रेस और भाजपा नेता उलझे रहे। इस बीच लल्लन सिंह की हालत गंभीर हो गई। इलाज का लंबा-चौड़ा बिल बना, जिसे अदा कर पाने की उनकी आर्थिक स्थिति नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लल्लन सिंह की खैरियत लेने जाने के बाद भाजपाइयों को अपनी गलती का अहसास हुआ है। खासतौर पर वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रकरण पर गंभीरता जाहिर की है।
लल्लन से मिलने पहुंचे भाजपा नेता
विधानसभा कूच के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए भाजपा कार्यकर्ता लल्लन सिंह का हालचाल जानने के लिए मंगलवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, समेत एक दर्जन से अधिक भाजपा के बड़े नेता सीएमआई अस्पताल पहुंचे।
लल्लन के उपचार के लिए उन्होंने नकद डेढ़ लाख रुपये भी दिए। सोमवार को पूर्व सीएम हरीश रावत के लल्लन से मिलने सीएमआई अस्पताल पहुंचने के बाद भाजपा के बड़े नेताओं में खलबली मच गई थी।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने दो अप्रैल को भाजपा कार्यकर्ता लल्लन की अनदेखी का मामला प्रकाशित किया था, जिसके बाद पहले हरीश रावत ने परिवार की मदद को हाथ बढ़ाया और उसके बाद भाजपा नेता उनकी सुध लेने पहुंचे।
दोपहर करीब तीन बजे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक विजया बड़थ्वाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक पुष्कर धामी सहित 10 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी सीएमआई पहुंचे।