युवाओं के सहारे सत्ता में काबिज होने का ख्वाब देखने वाली कांग्रेस यूएसनगर में अपनी यूथ विंग में ही एका नहीं कर पा रही है। इसके चलते यूथ कांग्रेस में चल रही ‘निर्वाचित बनाम मनोनयन’ की कलह बढ़ गई है और सात पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। इनमें तीन निर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के प्रति पनपे असंतोष का ही आलम है कि चार दिनों में जिलाध्यक्ष सहित 14 पदाधिकारी इस्तीफे दे चुके हैं। हालांकि इस्तीफों के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष ने नईम अहमद के रूप में नए जिलाध्यक्ष की ताजपोशी कर अपना रुख भी साफ कर दिया है।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर के खिलाफ जिले और विधानसभाओं की इकाइयों ने मोर्चा खोल रखा है। नाराज पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष पर मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। संगठन के भीतर काफी समय से चल रहे असंतोष की चिंगारी 20 जून को यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला के इस्तीफे से फूट गई थी। इसके बाद छह और पदाधिकारियों ने पदों से इस्तीफे दे दिए थे।
अचानक हुए इस्तीफों से यूथ कांग्रेस के साथ ही कांग्रेस के आला नेताओं में भी चिंतन का दौर शुरू हुआ था लेकिन धरातल पर डैमेज कंट्रोल नहीं होने पर सात और पदाधिकारियों के इस्तीफे हो गए हैं। इनमें रुद्रपुर विधानसभा अध्यक्ष विजय मंडल, नानकमत्ता विधानसभा अध्यक्ष चंचल सिंह, बाजपुर अध्यक्ष बबलू सैफी, रुद्रपुर विधानसभा उपसचिव विश्वजीत मंडल, सचिव अमित विश्वास, महामंत्री राज चक्रवर्ती, वरिष्ठ सचिव सुरजीत शर्मा शामिल हैं।
चंचल ने इस्तीफे में प्रदेश अध्यक्ष पर अपमानित करने, अलग टीम से कार्यक्रम कराने और बूथ स्तर तक टीम बनाने की इजाजत नहीं देने के आरोप लगाए हैं। बबलू सैफी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कार्य नहीं करने देने और गुटबाजी की राजनीति की वजह से ही उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है। विश्वजीत मंडल, अमित विश्वास, राज ने भी प्रदेश अध्यक्ष पर काम नहीं करने देने के आरोप लगाए हैं। सूत्रों के अनुसार इस्तीफे देने वाले कुछ असंतुष्ट युकां पदाधिकारियों से भाजपा के साथ ही आम आदमी पार्टी के नेताओं ने संपर्क साधा है। यूथ कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा उठाकर दूसरे दल युवा चेहरों को अपने साथ जोड़कर कुनबा बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं।
बंगाली समाज से बने कांग्रेस का महानगर अध्यक्ष, दलीप ने ठोकी ताल
रुद्रपुर। महानगर कांग्रेस में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। चार साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा को हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया गया है।
बृहस्पतिवार को प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से मिलकर कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। इधर बंगाली समाज से जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यकारी जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर विधानसभा में 44 हजार से अधिक बंगाली मतदाता हैं लेकिन संगठन में बंगाली कार्यकर्ता के पास बड़ा पद नहीं है। यदि बंगाली समाज के व्यक्ति को महानगर अध्यक्ष बनाया जाता है तो आने वाले चुनाव में इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। इधर पूर्व सभासद दलीप अधिकारी ने महानगर अध्यक्ष की दावेदारी पेश की है।
कहा है कि वह 15 साल से सभासद, पार्षद और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। बीते दो वर्षों से कांग्रेस के हर बैठक और कार्यक्रम में शिरकत करते हैं। कार्यकारी जिलाध्यक्ष ने बताया कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं से हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। वहां नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र निषाद, श्यामल मंडल, रंजीत तिवारी, राज चक्रवर्ती, विकास मलिक, विजय मंडल आदि थे। वहीं दो दिन पहले दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में महानगर अध्यक्ष की कार्यप्रणाली की शिकायत की गई है। माना जा रहा है कि जिले के संगठन में जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकता है। (संवाद)