बाजपुर तहसील परिसर में धरना पर बैठा ग्रामीण और साथ में समर्थक।
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बाजपुर। ग्राम जगन्नाथपुर के प्रधान पर पिछड़ी जाति के अवैध प्रमाणपत्र पर चुनाव जीतने का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण नेे धरना शुरू कर दिया। आरोप है कि डीएम के कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
21 जून को उक्त ग्रामीण मोजुद्दीन ने तहसील में धरना शुरू किया था। 23 जून को एडीओ पंचायत ने उन्हें बताया कि डीएम ने ग्राम प्रधान जगन्नाथपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया लेकिन नोटिस के समयावधि के बाद भी कोई कार्रवाई नही की गई।
सप्ताहभर पहले मोजुद्दीन ने डीएम और सीडीओ को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने पर 25 अगस्त से तहसील में धरना देने की चेतावनी दी थी। बुधवार को धरने पर बैठे मोजुद्दीन को गांव निवासी वजरूद्दीन ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। मोजुद्दीन ने बताया कि ग्राम जगन्नाथपुर की प्रधान सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित की गई थी। जिस पर जट सिख महिला ने पिछड़ी जाति का प्रमाण लगाकर चुनाव जीता था जबकि जट सिख जाति को 22 मार्च 2010 के बाद शासन ने पिछड़ी जाति से बाहर कर दिया था। इस संबंध में उसकी बहन की तरफ से एक रिट हाईकोर्ट में दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने अंतिम निर्णय लेकर डीएम ऊधमसिंह नगर को उक्त संबंध में यथा शीघ्र अंतिम निर्णय लेने का आदेश पारित किया था।
पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र मामले में डीएम की तरफ से मुझे भेजे गए कारण बताओ नोटिस का जवाब अधिवक्ता के माध्यम से भेजा जा चुका है। जो संवैधानिक कार्रवाई होगी वह मुझे मान्य होगी।
- रमनीक शर्मा, प्रधान ग्राम जगन्नाथपुर