बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस सिखातीं कोमल वैद्य
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सुनो द्राैपदी! शस्त्र उठा लो अब गोविंद न आएंगे... इस पंक्ति को चरितार्थ करते हुए जसपुर निवासी कोमल कलियुग के महिषासुरों से निपटने के लिए बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें दुर्गा बना रहीं हैं।
जसपुर निवासी कोमल वैद्य काशीपुर में सेल्फ डिफेंस की एकेडमी चलाती हैं। यहां वे ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं और युवतियों को आत्मरक्षा के गुर सिखा रही हैं ताकि वे अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। कोमल बताती हैं कि उनके साथ बचपन में कुछ लड़कों ने छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद से ही उन्होंने सेल्फ डिफेंस सीखने का मन बनाया। वह यहां नहीं रुकीं, उन्होंने खुद भी सीखा और महज 14 वर्ष की उम्र से ही अपने ट्रेनर के साथ दूसरी बालिकाओं को सिखाना भी शुरू कर दिया। कोमल बीते दस साल में 15000 से अधिक बालिकाओं और युवतियों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखा चुकी हैं।
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हर वर्ष लगाती हैं फ्री कैंप
हर वर्ष जून में कोमल एक निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण कैंप लगाती हैं। इसमें बालिकाएं, युवतियां और महिलाएं भी हिस्सा लेती हैं। उन्होंने करीब 25 से अधिक स्कूलों में जाकर भी बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए हैं।
कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं कोमल
कोमल ने बताया कि वह कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं। नेशनल प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग किया है। कराटे एसोसिएशन की प्रतियोगिता में उन्होंने चार गोल्ड मेडल भी जीते थे। अब उनका ज्यादा फोकस लड़कियों को ट्रेनिंग देने पर है। कहा कि उनके पिता राजेंद्र सिंह और माता सुनीता उन पर गर्व करते हैं। कोमल के दो भाई हैं।