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Uttarakhand: पैडल मारकर थक जाएं तो साइकिल से फर्राटा भरने के लिए बटन दबाएं, बीटेक के छात्रों ने किया नवाचार

Sat, 05 Oct 2024 10:50 AM IST
हीरा मेहरा सुरेंद्र कुमार वर्मा, संवाद

सार

पंतनगर विवि में बीटेक इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने पुरानी साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदल दिया। छात्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिक साइकिल चलाना अभी चलन में और लोकप्रिय भी है। 
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पंतनगर किसान मेले में महाविद्यालय के स्टाॅल पर प्रदर्शित ई-साइकिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइकिलिंग पर्यावरण साथ ही बेहतर सेहत का साधन है। हालांकि एक सीमा के बाद इससे थकान होनी लाजिमी है। अब पैडल चलाते हुए थक जाने पर स्विच ऑन करते ही साइकिल फर्राटा भरने लगेगी। ऐसा ही नवाचार विवि के छात्रों ने किया। पुरानी साइकिल को बैटरी और सौ वाट की डीसी मोटर से उन्होंने ई-साइकिल में बदल दिया है। इसमें साइकिल की कीमत सहित कुल खर्च दस हजार रुपये से भी कम आया।

जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय स्थित प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में बीटेक इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र अखिलेश, भास्कर पंत, वैभव पुरी व लिपाशी शाह ने अपनी प्रोजेक्ट एडवाइजर डाॅ. सुधा अरोरा के मार्गदर्शन में पुरानी साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदल दिया। छात्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिक साइकिल चलाना अभी चलन में और लोकप्रिय भी है। आमतौर पर इन साइकिलों को किसी विशेष रखरखाव की जरूरत नहीं होती है। यह प्रदूषण को कम करने का कुशल तरीका भी है और यह रिड्यूस (कम उपयोग, उत्सर्जन को कम करना), रियूज (पुनः उपयोग करना) और रिसाइकिल (पुनः चक्रण करना) के सिद्धांत पर आधारित है।

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विद्युत शक्ति की सहायता से चलने वाली साइकिल में एक सौ वाट की इलेक्ट्रिक डीसी मोटर लगी है, जो साइकिल को आगे बढ़ाने में सहायता करती है। इसलिए इसे कम प्रयास में नियमित साइकिल की तरह चलाया जा सकता है। कहा कि इस पहल का उद्देश्य शहरी आवागमन के लिए एक स्थायी विकल्प प्रदान कर पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है। उन्हें उम्मीद है कि उनका नवाचार दूसरों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करेगा।

ऐसे काम करेगी ई-साइकिल

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ई-साइकिल चलाने के दौरान थकने पर इलेक्ट्रिक मोड का उपयोग करने के लिए साइकिल के हैंडल पर लगे स्विच को ऑन करना होगा।स्विच ऑन होते ही मोटर स्टार्ट हो जाएगी और वी-बेल्ट पुली ड्राइव की मदद से साइकिल के पिछले पहिये को शक्ति प्रदान करती है। स्विच ऑन होने के बाद बैटरी पर स्टोर किया गया चार्ज मोटर को अपनी शक्ति देता है। डीसी मोटर 12 वोल्ट की लेड एसिड बैटरी से संचालित होती है। इससे ई-साइकिल 750 आरपीएम की नो-लोड गति प्राप्त करती है। इसे चार्ज में करीब एक घंटे का समय लगता है और यह करीब 15 से 16 किमी चलती है। 

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