रामपुर पानी पहुंचाने के लिए टांडा जंगल से होगा नहर का निर्माण
यूपी के रामपुर और बरेली तक पानी पहुंचाने के लिए गौलावार फीडर का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके लिए काठगोदाम से सेंचुरी पेपर मिल (लालकुआं) तक 16 किलोमीटर लंबी नहर की क्षमता को डेढ़ गुना किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में गौलावार फीडर की क्षमता 15 क्यूमेक है, इसे बढ़ाकर 24 क्यूमेक किया जाएगा। यूपी के रामपुर तक पानी पहुंचाने के लिए टांडा के जंगलों से होते हुए नहर का निर्माण किया जाएगा। 18 किलोमीटर लंबे हरिपुरा फीडर का जीर्णोद्धार कर हरिपुरा जलाशय तक पानी पहुंचाया जाएगा। यहां से रामपुर जिले की नहरों में पानी की आपूर्ति होगी। यूपी के बरेली जिले तक पाहा फीडर से पानी पहुंचेगा। इसके लिए सेंचुरी पेपर मिल से नगला तक साढ़े आठ किलोमीटर लंबी नहर की क्षमता को डेढ़ गुना बढ़ाया जाएगा। नगला से किच्छा बैराज होते हुए बरेली तक पानी पहुंचेगा।
पंतनगर से जगदीशपुरा के बीच प्राकृतिक जलस्रोत होंगे रिचार्ज
जमरानी बांध परियोजना से प्राकृतिक जलस्त्रोत, छोटे बांध और बरसाती नदियों को भी रिचार्ज करने की योजना है। हरिपुरा फीडर से तराई फीडर और चैक फ्री फीडर का निर्माण किया जाएगा। तराई फीडर से यूपी के बरा, बरई, भगिया और फैजलपुर रैग्यूलेटर और उत्तराखंड के जगदीशपुर, डिमरी, कल्याणी कनेटा रेग्यूलेटर को पानी मिलेगा। चैक फ्री फीडर से कोटा और खमरिया रेगुलेटर को पानी मिलेगा। इसके अलावा टांडा के जंगलों से निकलने वाली हल्दी, बेगुल, ढिमरी, खैरिया और चैक फ्री जैसी बरसाती नदियों को सदानीरा बनाया जाएगा।
जमरानी परियोजना से लाभान्वित जिले और तहसीलें
राज्य जनपद तहसील
उत्तराखंड नैनीताल हल्द्वानी, लालकुआं, नैनीताल
ऊधमसिंहनगर बाजपुर, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज
उत्तरप्रदेश बरेली बहेड़ी, मीरगंज
रामपुर बिलासपुर, मिलक, रामपुर, स्वार
जमरानी परियोजना से यूपी और उत्तराखंड में पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए नहरों का चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। नए प्रस्ताव के तहत नहरों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार में करीब 400 करोड़ रुपये खर्च आएगा। पहली प्राथमिकता जमरानी बांध बनाना है। नहरों के निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही गतिमान है।
- ललित कुमार, उपमहाप्रबंधक, जमरानी परियोजना इकाई