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पढ़ाई के साथ-साथ ले रहे कोविड प्रोटोकाल का ज्ञान

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लोगो।
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काशीपुर। वैश्विक महामारी की तीसरी लहर के बाद खुले स्कूलों में चहल-पहल धीरे-धीरे बढ़ गई है। बच्चों को कोविड गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन बच्चों को प्रतिदिन कोविड प्रोटोकॉल का ज्ञान भी करा रहे हैं।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनौरी फार्म के शिक्षक व सीआरसी प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर थमने के बाद स्कूल तो खुल गए हैं और बच्चे भी स्कूल आने लगे हैं। स्कूल में कोविड गाइड का पूरा पालन कराया जा रहा है। बच्चों को मास्क के साथ सामाजिक दूरी और हाथों को समय-समय पर सेनेटाइज करने का ज्ञान कराया जा रहा है। जो बच्चे कभी कभार मास्क घर भूल जाते हैं, ऐसे बच्चों को स्कूल की ओर से मास्क उपलब्ध कराया जाता है।
मोहल्ला कटोराताल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक हरिओम सिंह ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कोविड गाइडलाइन का भी ज्ञान कराया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि कैसे मास्क लगाएं और किस तरह क्लास रूम में सामाजिक दूरी के साथ बैठें। बताया कि नियमित रूप से बच्चों को बताने से बच्चे जागरूक हो रहे हैं। अब तो बच्चे शिक्षक के कहने से पहले ही हाथों को सैनिटाइज करके और मास्क लगाकर कक्षा कक्ष में बैठते हैं।
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उधर नीझड़ा स्थित शिवालिक होली माउंट एकेडमी के प्रधानाचार्य कविंद्र सिंह डसीला ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते बच्चों की स्कूल से दूरी बन गई थी। बच्चों में कक्षा कक्ष में बैठ कर पढ़ाई का अभ्यास छूट गया था। बताया कि बहुत ऐसे बच्चे हैं जिनको पहले पढ़ाई के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। इसके बाद उनको कोर्स कराया गया। वहीं छोटे बच्चों को कोविड प्रोटोकाल संबंधी प्रतिदिन जानकारी दी जाती है। कैसे वे मास्क लगाएंगे और किस तरह से कक्षाओं में बैठेंगे। खासकर आगामी सत्र में उन छोटे बच्चों के साथ थोड़ी दिक्कत होगी जो स्कूल में नए प्रवेश लेंगे।
वैक्सीनेशन पर दिया जा रहा है जोर
तराई प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष बीबी भट्ट ने बताया कि 12-14 और 15 प्लस बच्चों को वैक्सीनेशन का पूरा जोर दिया जा रहा है। सभी स्कूल अपने यहां बच्चों को वैक्सीनेशन की कंप्लीट डोज लेने को प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही उनके परिजनों को भी पहली और दूसरी डोज के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि अभिभावक के साथ बच्चे भी सुरक्षित रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शेड्यूल के मुताबिक स्कूलों में टीकाकरण कैंप लगाया जा रहा है जिसमें स्कूल प्रबंधक स्वास्थ्य विभाग टीम को पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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विद्यालयों में दिख रहे बदलाव
-बच्चों में लेखन क्षमता जो धीमी हो गयी थी उसको बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है
-बच्चों में देर तक कक्षा में बैठने और पढ़ाई कराने का प्रयास किया जा रहा है
-बच्चों में पढ़ाई का दवाब कम करने का प्रयास किया जा रहा है
-बच्चों को ऐसी प्रेरणा दी जा रही है कि उनका मानसिक व शारीरिक विकास विकसित हो सके।
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