काशीपुर। बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लाही और सरसों की फसल गिर गई है। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। आलू भी सड़ने लगा है।
काशीपुर क्षेत्र में भारी संख्या में किसान खेती करते हैं। इस समय गेहूं, मटर, आलू, सरसों सहित कई फसलें खेतों में खड़ी हैं। एक सप्ताह के दौरान रविवार को दूसरी बार बारिश हुई। खेतों से पहली बारिश का पानी सूखा भी नहीं था कि फिर बारिश शुरू हो गई। जिसके चलते आलू, मटर, सरसों और लाही की फसल को मुख्य रूप से नुकसान हुआ है। हरी मटर की फली जलभराव से खराब हो गई है।
पहली बारिश से जो थोड़ी बहुत फसलें बच गई थीं वह इस बार की बारिश से खराब हो गई है। गेहूं की फसल भी खेतों में गिर गई है। किसान जब तक खेतों से पानी निकालने का प्रयास करते हैं तब तक दोबारा से बारिश हो जाती है। यह बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। किसान खेतों से पानी निकालने का प्रयास करता है तब तक और वारिश हो जाती है।
बारिश से फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसान खेत से एक बार की बारिश का पानी निकालता है तब तक दूसरी बार बारिश हो जाती है। बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है।
- जितेंद्र सिंह जीतू, प्रगतिशील किसान।
बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बन कर बरस रही है। किसानों ने मटर की फसल उगाने के लिए कर्ज लेकर लागत लगाई है। अब मटर में फली आ रही है, ऐसे में बारिश होने से फसल खराब हो रही है। ऐसे में किसानों के सामने कर्ज चुकाने की समस्या है।-
सुखविंदर सिंह, प्रगतिशील किसान
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बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी रुकने से फसले खराब होने लगी है। गेंहू की फसल पीली पड़ने लगी है। गेहूं की फसल बुवाई में खाद बीज पर ही काफी रुपया खर्च हो जाता है। अगर गेहूं की फसल खराब हो गई तो किसान के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
-बलजिंदर सिंह, किसान
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लगातार हो रही वर्षा से आलू के खेतों में पानी भर गया है। आलू के पौधों पर मिट्टी चढ़ाने के लिए नाली बनी होती है। नालियों में पानी भर गया। इन दिनों आलू के पौधों की जड़ों में आलू लग रहा है। पानी भरने से वह गल जाते हैं। जिससे आलू की फसल खराब हो जाती है।
- सुरेश शर्मा जंगी, प्रमुख आलू उत्पादक।
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23केएसपी02-जितेंद्र सिंह जीतू
23केएसपी03- सुखविंदर सिंह
23केएसपी04- बलजिंदर सिंह
23केएसपी05- सुरेश शर्मा जंगी।