सिंचाई खंड सितारगंज में सरकारी रुपयों के गबन का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि तत्कालीन प्रधान सहायक ने 4.21 लाख रुपये व्यक्तिगत खाते में जमा करने के साथ ही दो लोगों को 3.67 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। लेकिन, यह भुगतान न तो कैशबुक में दर्शाया गया और ना ही इसे मासिक लेखा में दर्ज किया गया। आनन-फानन में मामले की जांच खंडीय लेखाधिकारी को सौंपने के साथ ही संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ईई जहां जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं वहीं, अधीक्षण अभियंता को गबन की जानकारी ही नहीं है।
दरअसल, सिंचाई खंड में नौ महीने पहले चार चेकों से सात लाख अठासी हजार आठ सौ बीस रुपये का भुगतान किया गया था। चेक रजिस्टर में भुगतान का कोई विवरण नहीं दर्शाया गया था। दो लोगों को दो चेकों से 3,67,320 रुपयों का भुगतान किया गया था जबकि, तत्कालीन प्रधान सहायक ने दो चेकों के माध्यम से अपने व्यक्तिगत खाते में 4,21,500 रुपये जमा कराए थे। ये सरकारी पैसा सिंचाई विभाग के तटबंध निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए भुगतान किया गया था। लेकिन, जिन दो लोगों को भुगतान किया गया, वे या उनकी फर्म विभाग में पंजीकृत ही नहीं थीं। जिस प्रधान सहायक पर आरोप लगे हैं, वह वर्तमान में बागेश्वर में तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि किसी भी धनराशि के भुगतान से पहले विभाग के मुखिया के हस्ताक्षर चेक पर किए जाते हैं। प्रधान सहायक ने जब ट्रेजरी से भुगतान को चेक लगाए होंगे तो उनमें भी दस्तखत जरूर रहे होंगे। ऐसे में प्रधान सहायक के साथ ही तत्कालीन अफसरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। फंसने के डर से अब बैकडोर से ये रुपये वापस जमा कराने की कोशिश हो रही है।
सिंचाई खंड में हो सकते हैं कई और घपले
रुद्रपुर। सिंचाई खंड सितारगंज में सरकारी रुपयों के दुरुपयोग के कई मामले सामने आ सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किए गए हैं। अगर बारीकी से भुगतानों की जांच की जाए तो और मामले पकड़ में आ सकते हैं। गबन के मामला उजागर न हो इसलिए गुपचुप ढंग से जांच बैठा दी गई है।
मामले की जानकारी नहीं है। मामले की डिटेल आएगी तो कार्रवाई कराई जाएगी। सरकारी पैसे का गबन करने वाले कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। - डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम, ऊधमसिंह नगर
मेरे संज्ञान में गबन का मामला नहीं है। कुछ दिनों पहले ही मैंने चार्ज लिया है। अगर सरकारी पैसों का गबन किया गया है तो जरूर कार्रवाई होगी। मैं ईई से जानकारी लूंगा। - पीके दीक्षित, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग
मामले की शिकायत मिलने पर जांच चल रही है। ट्रेजरी और एसई दफ्तर से दस्तावेज मंगाए गए हैं। खंडीय लेखाधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। सोमवार या मंगलवार तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। आप फोन कर जानकारी ले सकते हैं। किसी ने गलत किया है तो कार्रवाई के साथ रिकवरी भी होगी। - संजय राज, ईई, सिंचाई खंड, सितारगंज।