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धर्म परिवर्तन को लेकर हिंदू संगठनों का हंगामा, पुलिस के सामने पादरियों को पीटा

Sun, 09 Sep 2018 12:27 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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 धर्म परिवर्तन को लेकर प्रेमनगर की स्वप्नलोक कॉलोनी में हिंदू संगठनों के लोगों ने खासा हंगामा किया। पुलिस के सामने ही उन्होंने दो पादरियों की भी पिटाई कर दी। उनके कपड़े भी फाड़ दिए। उस वक्त वहां उत्तराखंड और आसपास जिलों से बुलाए गए करीब दो दर्जन युवाओं को ईसाई धर्म की शिक्षा दी जा रही थी। बाद में हिंदू संगठनों के लोग दोनों पादरियों को लेकर थाना प्रेमनगर पहुंचे और उनके खिलाफ तहरीर दी। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
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प्रेमनगर की स्वप्नलोक कॉलोनी स्थित पहले ही मकान में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर, गदरपुर, किच्छा, शाहजहांपुर, फरीदपुर समेत आसपास जिलों के 23 लोग ठहरे हुए हैं। शनिवार दोपहर करीब एक बजे प्रेमनगर पुलिस को वहां धर्म परिवर्तन कराने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ कर लौट गई। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष पवन अरोड़ा, राजीव साहनी आदि वहां पहुंच गए। उस वक्त कॉलोनी के एक घर में ईसाई धर्म की शिक्षा की क्लास चल रही थी। बोर्ड पर ईसाई धर्म के बारे में लिखा था। वहां बैठे युवाओं के हाथों में बाईबिल, परिवर्तन गीतमाला और एक डायरी थी। मौके पर मिले पादरी अशोक कुमार और विजय मैसी ने धर्म परिवर्तन से इंकार करते हुए राष्ट्रीय सुसमाचार परिषद के बैनर तले धार्मिक शिक्षा देने की बात कही। इस पर विहिप, भारतीय हिंदू सेना, बजरंग दल आदि के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों को पकड़कर पीट दिया। उनके कपड़े तक फाड़ दिए। हंगामा होने पर वहां खासी भीड़ जुट गई।

नाबालिग भी थे शामिल, खाने से
लेकर रहने तक का था इंतजाम
पुलिस और हिंदू संगठनों ने जब जांच पड़ताल की तो वहां बुलाए गए 23 लोगों में दो नाबालिग भी थे। जिस मकान में यह आयोजन किया जा रहा था, वहां इन लोगों के खाने-पीने से लेकर रहने तक का इंतजाम था। पुलिस की पूछताछ में कुछ लोगों ने ईसाई धर्म स्वीकारने की बात भी कही जबकि ज्यादातर ने सिर्फ शिक्षा प्राप्त करने की बात कही।
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ऐसे पकड़ा गया मामला
विहिप के महानगर अध्यक्ष पवन अरोड़ा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली तो एक कार्यकर्ता को गरीब व्यक्ति बनाकर इन लोगों के बीच भेजा गया। उसने इनके बीच रहकर पूरा मामला समझा। इसके कुछ ही देर बाद वे लोग पुलिस लेकर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।

दोपहर से ही सिफारिशें, थाने में कई घंटे पंचायत
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पादरी अशोक कुमार और विजय मैसी को पकड़कर पुलिस को सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, तभी पादरी ने अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मनोज मसीह को फोन कर दिया। उन्होंने इंस्पेक्टर प्रेमनगर से मामले की जानकारी लेकर विवाद निपटाने को कहा। इससे पहले भी पुलिस के पास कई सिफारिशें आईं। बाद में थाने में दोनों पक्षों के लोग जमा हो गए। दोपहर से लेकर शाम तक थाने में लंबी पंचायत चली।

मुख्यमंत्री तक शिकायत, फिर भी समझौता
पादरियों की ओर से एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, एडीजी बरेली समेत तमाम अफसरों से ट्वीटर पर शिकायत की। इसके बाद ट्वीटर पर ही कार्रवाई के संदेश दौड़ने लगे। एडीजी ने एसएसपी को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए तो सीओ प्रथम और तृतीय को मामले में जुटाया गया। मगर देर शाम राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते दोनों पक्षों में समझौता हो गया।


एक एनजीओ की ओर से प्रार्थनासभा थी, जिसे धर्म परिवर्तन समझ लिया गया था। शिकायत के बाद सीओ प्रथम और तृतीय से जांच कराई गई। इसके बाद दोनों पक्षों की गलतफहमी दूर हो गई और उन लोगों ने आपस में समझौता कर लिया। - मुनिराज जी., एसएसपी

सपाई सोच के अफसर, बदनाम कर रहे सरकार
भाजपा की सरकार होने के बावजूद धर्म परिवर्तन कराने वालों को बिल्कुल भय नहीं है। धर्म परिवर्तन कराने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मगर सपाई सोच के अफसरों ने सरकार को बदनाम कराने के लिए मामला रफा-दफा करा दिया। इस मामले की शासन में शिकायत करके जांच कराएंगे। - पप्पू भरतौल, विधायक बिथरी
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