आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए अब परिजनों को बैंक या डाकघरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले की 10 बाल विकास परियोजनाओं में आधार कार्ड सेंटर स्थापित हो गए हैं। नया आधार कार्ड बनवाने के लिए 100 रुपये तो संशोधन के लिए 50 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
जिले की 10 बाल विकास परियोजनाओं में पांच वर्ष तक के एक लाख 94 हजार 698 बच्चे पंजीकृत हैं। नए आधार कार्ड बनाने व उनमें बदलाव करने के लिए परिजनों को डाकघर या बैंकों के आधार सेंटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश के बाद वर्ष 2021 मार्च में जिले की बाल विकास परियोजनाओं में बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए डेस्कटॉप, प्रिंटर, स्लैप फिंगरस्ट्रिप स्कैनर, आइरिस स्कैनर और जीपीएस डिवाइस रख ली गई थी, लेकिन एजेंसी की ओर से स्टाफ को ट्रेनिंग न देने पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
उसके बाद इसी वर्ष एजेंसी की ओर से बाल विकास परियोजनाओं में स्टाफ को प्रशिक्षण देने के बाद आधार सेंटर खोल दिया गया है। सेंटर में बच्चों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को भी आधार कार्ड बनवाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं वे बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचकर आधार कार्ड बनवा लें।
आधार कार्ड नहीं तो आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नहीं होगा पंजीकरण
रुद्रपुर। बाल विकास परियोजना की सुपरवाइजर लीला परिहार ने कहा कि जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का पंजीकरण करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य हो जाएगा। आधार कार्ड के साथ ही उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्ट्री की नकल, संस्थागत प्रसव प्रमाणपत्र, माता-पिता की आय प्रमाणपत्र, टीकाकरण कार्ड, बैंक में मां और बच्चे का संयुक्त खाता होना चाहिए। संवाद