रुद्रपुर में बच्चों के लिए पहुंची बाल रक्षा किट। संवाद
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रुद्रपुर। चौथी लहर आने से पहले आयुष मंत्रालय की ओर से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बाल रक्षा किट भेज दी गईं हैं। ये किटें बच्चों में सुरक्षा कवच के तौर पर काम करेंगी। किट में बच्चों के लिए बाल आयुष क्वाथ सीरप की तीन शीशियां, नाक में डालने के लिए अणु तेल की ड्राप, संश्मनी वटी की गोलियां और 200 ग्राम का च्यवनप्राश का डिब्बा है।
आयुर्वेदिक और यूनानी विभाग की ओर से जिले के 12 हजार 960 बच्चों के लिए बाल रक्षा किट पहुंच गई हैं। जिला आयुर्वेद विभाग की ओर से इन्हें आयुर्वेद के 21 अस्पतालों, 18 एमओसीएच व 12 एनएचएम सेंटरों को भेजा गया है। आयुर्वेद विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बाल रक्षा किट दो वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए है जबकि क्वाथ सीरप को दो वर्ष आयु से कम के बच्चों को भी पिलाया जा सकता है।
माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की चौथी लहर में बच्चे भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इसको देखते हुए आयुर्वेद विभाग की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत ने कहा कि बाल सुरक्षा किट खाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाएगा। किट में संश्मनी वटी के डिब्बे में 120 गोलियां हैं। जो बच्चों को अधिक बुखार के समय खिलाई जा सकेगी। जबकि कमजोर बच्चों को च्यवनप्राश दिया जा सकेगा।
रुद्रपुर। डॉ. पंत ने कहा कि कोरोना संक्रमण की पहली व तीसरी लहर में बांटी गई आयुष रक्षा किट बड़ों के लिए फिर आ गई है। सरकार की ओर से 12 हजार आयुष रक्षा किट पहुंची हैं। इसमें एक किट में 300 ग्राम कूका इम्युनिटी क्वाथ चूर्ण, 30 अश्वगंधा व संश्मनी की टैबलेट हैं। इसको खाकर कोरोना संक्रमण में इम्युनिटी बढ़ेगी। संवाद