रंपुरा में पुलिस की प्रताड़ना (rudrapur police torture) के डर से आत्मघाती कदम उठाने वाले अनिल के परिवार की दोहरी खुशियां दुखों में तब्दील हो गईं। मृतका की बहन की नवरात्र के पहले बिटिया हुई है, वहीं रिश्तेदारी में भांजी की आज बरात आनी है। पूरा परिवार दोहरी खुशी मनाने तैयारी कर रहा था लेकिन अनिल की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। शादी की तैयारियों को लेकर जिस घर पर दो दिन पहले तक खुशियां थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है।
दरअसल रंपुरा वार्ड नंबर 23 निवासी शुभम का मोबाइल चोरी हो गया था। शुभम ने मोहल्ले के ही अनिल कोली पर उसका चोरी हुआ मोबाइल खरीदने का आरोप लगाया था। सोमवार की शाम शुभम ने अनिल के घर जाकर मोबाइल को लेकर हंगामा किया था। जिसके बाद मामला सुलझाने के लिए छोटा भाई दिनेश, अनिल और शिकायकर्ता शुभम रंपुरा चौकी पहुंचे थे।
आरोप था कि दिनेश और अनिल को पुलिस ने चौकी पर बिठा दिया और अनिल की पिटाई की। आरोप था कि 1,500 रुपये देने के लिए पुलिसकर्मी ने आधी रात अनिल को छोड़ दिया। मंगलवार सुबह अनिल कमरे में फंदे पर लटका मिला था।
इस दौरान पंचायतनामे के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मृतक की भाभी आशा के साथ गालीगलौज कर थप्पड़ मार दिया। इसको लेकर लोगों ने जमकर हंगामा काटा था और विधायक, पूर्व विधायक, मेयर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और लोगों के दबाव में एसएसपी ने आरोपी दरोगा विपुल जोशी को लाइन हाजिर कर एसपी सिटी को मामले की जांच सौंपी थी।
मंगलवार को दिनभर हंगामे के बीच बुधवार को वार्ड नंबर 23 स्थित मोहल्ले और मृतक के घर पर शांति का माहौल था। अपने घर के बाहर मिले मृतक के छोटे भाई दिनेश कुमार ने बताया कि घर में शादी का माहौल था। रिश्ते की भांजी की धमोरा मिलक रामपुर में आज बरात आनी है। इसको लेकर परिवार तैयारियों में जुटा था। शादी के लिए सामान और कपड़े खरीदे गए थे। नवरात्र के पहले दिन बहन की बेटी हुई थी। उसका नामकरण होना था। परिवार बेहद खुश था।
मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग आई है। शरीर पर किसी तरह की चोटें नहीं है। मामले में दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है जबकि एसपी सिटी मामले की जांच कर रहे हैं। यदि मृतक के परिजन 1500 रुपये देने का साक्ष्य देते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के साथ ही दलाली करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
-मंजूनाथ टीसी एसएसपी यूएस नगर
मृतक के छोटे भाई ने बताया शादी में न पड़े खलल, इसलिए ले गया था चौकी
मृतक के छोटे भाई दिनेश ने बताया कि घर पर भांजी की शादी की तैयारियां चल रही थी और पूरे परिवार को शादी में शामिल होना था। सोमवार की शाम मोबाइल चोरी के आरोप में घर पर हंगामा हुआ तो शादी में कोई खलल न पड़े, इसलिए वह खुद भाई को चौकी ले गया था। लेकिन चौकी में पुलिस ने भाई से मारपीट की थी और अगली सुबह बुलाया था। उसका कहना है कि भाई के दिमाग में पुलिस की प्रताड़ना का डर बैठ गया था। यही वजह रही होगी कि उसने मौत को गले लगा लिया। बताया कि अभी तक पुलिसकर्मियों ने मोबाइल नहीं लौटाया है।