नई टिहरी के बौराड़ी में धरने पर बैठे बांध प्रभावित।
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बांध प्रभावित रौलाकोट, भल्डियाना और गडोली के ग्रामीणों का भूखंड आवंटन करने, पात्रता निर्धारण 2021 के आधार पर करने, टीएचडीसी में प्रभावितों को स्थायी रोजगार देने आदि मांगों को लेकर धरना 11वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा कि धरने पर बैठे लंबा समय हो गया है, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है। मांग के समर्थन में उन्होंने 25 नवंबर को जिला मुख्यालय में रैली निकालकर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
शनिवार को भी बांध प्रभावितों ने गणेश चौक बौराड़ी में धरना देकर शासन-प्रशासन और टीएचडीसी के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि वर्षों से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं लेकिन टीएचडीसी और प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण पुनर्वास नहीं हो पा रहा है। पूर्व राज्यमंत्री प्रवीन भंडारी ने धरने को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार बांध प्रभावितों की समस्याओं के निराकरण के लिए कदम नहीं उठा रही है, जिससे लंबे समय से बांध प्रभावित परिवार खतरे की जद में रहने के लिए मजबूर हैं। धरने पर पुनर्वास संघर्ष समिति के संरक्षक सागर भंडारी, सब्बल सिंह धनाई, बुद्धि सिंह, पुरुषोत्तम रावत, शीशपाल बिष्ट, अजयपाल पंवार, रविंद्र रावत, राहुल रावत, बीएस पंवार, उर्मिला धनै, छटांगी देवी, बलमा देवी, रूशना देवी, सोना देवी, सुशीला, मीना, सुलोचना और बीना बैठी रही।