मुनिकीरेती के एक व्यक्ति से एलआईसी का पैसा रिटर्न के नाम पर 6 लाख 23 हजार की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर ठगों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगों से पांच एटीएम कार्ड, छह मोबाइल फोन और 50 हजार रुपये की नकदी बरामद की। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि मार्च 2021 में उत्तराखंड कालोनी मुनिकीरेती निवासी प्रेम नारायण को साइबर ठगों का फोन आया कि उनकी एलआईसी लैप्स होने वाली है। कुछ पैसा जमा करेंगे तो पूरा पैसा रिटर्न हो जाएगा, जिस पर उन्होंने दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के खाते में अलग-अलग समय पर 6 लाख 23 हजार रुपये जमा कराए, लेकिन हकीकत में यह साइबर फ्राड निकले। इसके बाद उन्होंने थाना मुनिकीरेती में मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते थाना प्रभारी मुनिकीरेती कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया कि साइबर शाखा और एक्सपर्ट के सहयोग से 8 अक्तूबर को टीम ने नई दिल्ली से आरोपी विनय प्रताप सिंह निवासी हरित विहार बुराड़ी नई दिल्ली और आजाद अंसारी निवासी मोती महल नई दिल्ली को गिरफ्तार किया। उन्होंने कबूल किया कि उत्तराखंड के देहरादून, चंपावत, पश्चिम बंगाल, हरियाणा आदि राज्यों में वह इस तरह की ठगी करते आए हैं। उनके पास से एक कार, चेक बुक, पेन ड्राइव भी बरामद हुई। एसएसपी ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का इनाम दिया है। टीम में टिहरी झील थानाध्यक्ष आशीष कुमार, एसआई लखपत बुटोला, शशांक तिवारी, अजयवीर, विकास सैनी शामिल थे।