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नई टिहरी पीजी कालेज के लिए नहीं मिल रही जमीन

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पीजी कालेज को 18 साल से न जमीन मिल पाई है, न ही भवन मिला है। बादशाहीथौल से नई टिहरी शिफ्ट किया गया कालेज वर्ष 2003-04 से जीआईटीआई के भवन पर संचालित किया जा रहा है, जिससे कालेज प्रशासन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से महाविद्यालय के लिए जमीन नहीं मिलने पर अब कालेज को जीआईटीआई भवन हस्तांतरण की बात कही जा रही है, लेकिन वह योजना भी अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है।
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को वर्ष 2003-04 में चंबा बादशाहीथौल से जिला मुख्यालय स्थित जीआईटीआई भवन में अस्थायी तौर पर शिफ्ट किया गया था। उसके बाद से महाविद्यालय के लिए अलग से जमीन की तलाश ही जा रही है, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। अपना भवन और पर्याप्त जगह नहीं होने से कालेज में पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, प्रशासनिक भवन, पीजी लैब, खेल मैदान और क्लास रूम आदि की समस्या बनी हुई है। कालेज की समस्याओं को देखते हुए कुछ समय पहले ढाईजर में भी जमीन देखी गई थी, लेकिन वह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब जीआईटीआई भवन को ही महाविद्यालय को हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन यह प्रस्ताव भी लंबे समय से अधर में लटका हुआ है।
महाविद्यालय का अपना भवन नहीं होने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन नहीं मिलने के कारण अब जीआईटीआई भवन को ही कालेज को हस्तांतरण करने का प्रस्ताव है। जीआईटीआई का पूरा भवन मिल जाता है, तो काम चल सकता है। भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय से पत्राचार किया जा रहा है।
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-डा. रेनु नेगी, प्राचार्य, पीजी कालेज नई टिहरी।
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