टिहरी बांध परियोजना की झील के आरएल 835 मीटर तक के प्रभावित पात्र विस्थापित 61 परिवारों को हरिद्वार जिले के पथरी और ऋषिकेश पशुलोक में लाटरी के माध्यम से कृषि और आवासीय भूखंड आवंटित किए गए।
शुक्रवार को यहां बहुउद्देशीय हॉल में डीएम व पुनर्वास निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव की देखरेख में पात्र विस्थापितों को लॉटरी के माध्यम से आवासीय प्लाट और कृषि भूखंड आवंटित किए गए। भागीरथी और भिलंगना घाटी के बांध प्रभावित लंबे समय से भूखंड आवंटन की मांग करते आ रहे थे। लंबी कवायद के बाद शुक्रवार को बंदरकोटी, तिवाड़गांव, चोपड़ा, चिन्यालीसौड़, छाम, बिड़कोट, तल्ला उप्पू, मोटणा, सरोट, देवल और असेना आदि गांव के विस्थापितों को हरिद्वार जिले के पथरी और पशुलोक में भूखंड आवंटित किए गए। पुनर्वास निदेशक ने कहा कि भूखंड आवंटन में पारदर्शिता के लिए लॉटरी निकालकर भूखंडों का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में अपनी जमीन, भवन और अन्य परिसंपत्तियां देने वाले विस्थापितों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा। पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने लाटरी के माध्यम प्रथम पाली में 29 पात्र काश्तकारों में से 24 को कृषि- आवासीय और पांच काश्तकारों को कृषि भूखंड आवंटित किए। जबकि दूसरी पाली में 32 आवासीय भूखंडों का आवंटन किया गया। लॉटरी पूरी होने के बाद विस्थापितों को आवंटन पत्र जारी किए गए। इस मौके पर पुनर्वास विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रेम सिंह पंवार, टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक विजय सहगल, एसडीएम रविंद जुवांठा और ईई पुनर्वास धीरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद थे।