सरकारी सस्ते गल्ले की राशन ढुलान नहीं मिलने से डीलर राशन उठाने से कतराने लगे हैं। कई लोगों ने तो डीलरशिप छोड़ दी, जिससे विभाग ने कई जगहों पर दूसरे डीलरों से राशन बंटवाई। वहीं कई गांवों में दो-तीन माह से राशन ही नहीं बंटी है।
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग जिले में करीब 1057 डीलरों के माध्यम से सस्ते गल्ले की राशन का वितरण करता है, लेकिन डीलरों को दो साल से राशन ढुलान नहीं मिलने से वह आंदोलन की राह पर हैं। सस्ता गल्ला विक्रेता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनयपाल सिंह रावत ने कहा कि दो साल से भाड़ा नहीं मिलने से गल्ला विक्रेता आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, जिससे गल्ला विक्रेता डीलरशिप छोड़ने लगे हैं। इन दो-तीन माह में ही करीब दो सौ से अधिक लोगों ने सस्ते गल्ले की दुकान छोड़ दी है। डीलर घनश्याम कोठियाल, गजा के कृष्णकांत उनियाल और कीर्तिनगर क्षेत्र के अध्यक्ष रघुवीर सिंह भंडारी ने बताया कि भाड़े का भुगतान नहीं मिलने से गल्ला विक्रेता परेशान हैं।
सस्ता गल्ला विक्रेताओं को भाड़े का भुगतान कराने के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जहां डीलरों ने दुकान छोड़ दी है, वहां नजदीकि डीलरों से राशन वितरण कराया जा रहा है। जहां राशन नहीं बंट पाई है, वहां व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा।
-मुकेश पाल, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, टिहरी।