थौलधार ब्लाक के कमांद में गंभीर रूप से घायल हुए बीआरओ के अवर अभियंता को समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण वे जिंदगी की जंग हार गए। घायल को जिला अस्पताल बौराड़ी से लेकर ऋषिकेश एम्स और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ले जाया गया, लेकिन उसे किसी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। जब तक वह देहरादून एक अस्पताल पहुंचे, तब उनकी मौत हो गई।
बीआरओ के सहायक अभियंता एबी सिंह ने बताया कि अवर अभियंता रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे कमांद स्थित कार्यालय से अपने कमरे पर लौट रहे थे। इस दौरान रास्ते में एक कुत्ता उसके पीछे आने से वह डर कर भागने लगे, जिससे वे नाली में गिर गए और उनके सिर पर गंभीर चोट आ गई। घायल को 108 सेवा से जिला चिकित्सालय बौराड़ी पहुंचाया गया, वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया।
अभियंता ने बताया कि एम्स में बेड खाली नहीं मिलने पर उन्हें हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट भेजा गया, लेकिन वहां भी गंभीर रूप से घायल जेई को भर्ती नहीं किया। तो उन्हें देहरादून कैलाश अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक अवर अभियंता हरमुसुद्दीन खान (41) पुत्र रहमुद्दीन खान निवासी शाहीन बाग दिल्ली की मौत हो गई।
सहायक अभियंता एबी सिंह ने बताया कि जेई को समय पर इलाज मिल जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। लेकिन गंभीर रूप से घायल जेई को ऋषिकेश एम्स और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती ही नहीं किया गया। बताया गया कि अभियंता कमांद के पास किराये के कमरे पर पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। कमांद व्यापार सभा के अध्यक्ष गंभीर सिंह जड़धारी ने कहा कि जिंदगी और मौत से जूझ रहे जवान को जिला मुख्यालय से लेकर ऋषिकेश और देहरादून में भी उपचार नहीं मिलना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इलाज के अभाव में एक व्यक्ति की मौत ने प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।