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पांच साल से आवेदन की छंटनी तक नहीं हुई

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प्रधानमंत्री आवास योजना (नगरीय) में ‘भागीदारी में किफायती आवास’ (एएचपी) योजना के लाभार्थियों को नगर पालिका पांच सालों से आवास नहीं दे पाई है। हालांकि ‘लाभार्थी आधारित निर्माण’ (बीएलसी) योजना में चयनित किए गए आठ में से छह परिवारों को आवास मिल चुके हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों को आवास देने के लिए नगर पालिका ने वर्ष 2017 में आवेदन मांगे थे। इस पर नगर क्षेत्र के करीब 765 लोगों ने आवेदन किया था। लंबे समय बाद पालिका ने पिपली के पास जमीन तो ढूंढ ली है, लेकिन अभी तक पात्र आवेदकों की छंटनी नहीं हो पाई है। हालांकि पीएम आवास बीएलसी योजना के लिए वर्ष 2015-16 में किए गए सर्वे में चयनित छह में से चार लोगों को घर मिल चुके हैं। पालिका का कहना है कि एक लाभार्थी को तीसरी किश्त दी गई है और एक लाभार्थी को 20 हजार रुपये की पहली किश्त देकर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने को कहा गया है।
मैं परिवार के साथ किराए पर रह रहा हूं। वेतन कम होने के कारण किसी तरह गुजारा हो पाता है। पीएम आवास के लिए पांच साल पहले आवेदन किया था, लेकिन अभी तक पता नहीं कि आवेदन स्वीकृत होगा या नहीं।
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- राकेश प्रसाद, बौराड़ी।
पति प्राइवेट नौकरी करते हैं। इस मंहगाई में घर का खर्च भी पूरा नहीं हो पाता है। कई बार कमरे का किराया चुकाना भी मुश्किल हो जाता है। प्रधान मंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवास कब मिलेगा पता नहीं।
- ममता, बौराड़ी।
पीएम आवास (एएचपी) के लिए बौराड़ी 7 सी के पास 0.255 हेक्टेयर जमीन मिल गई है। वहां आवास बनाने का प्रस्ताव शहरी विकास विभाग को भेज दिया गया है। आवेदनपत्रों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
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- राजेंद्र सजवाण, ईओ नगर पालिका नई टिहरी।
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