वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र और वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी की ओर से जलवायु सहिष्णु, कृषि तकनीकी, पद्धतियों पर कृषक वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को विशेष गुणों वाली 35 फसलों की प्रजातियों के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों को प्रधानमंत्री के संवाद का लाइव प्रसारण भी सुनाया गया।
रानीचौरी में आयोजित संवाद में डा. अजय कुमार ने रवि फसलों के प्रजातियों, उत्पादन तकनीकी की जानकारी दी। डा. अरूणिमा पालीवाल ने टपक सिंचाई पद्वति, मृदा वैज्ञानिक डा. शिखा ने मृदा स्वास्थ्य, पोषण, सहायक निदेशक प्रसार डा. अरविंद बिजल्वाण ने अनाज के उत्पादन विपणन की उपयोगिता, शोध निदेशक डा. अमोल वशिष्ठ विश्वविद्यालय में विकसित फसल प्रजातियों, जल संरक्षण, सगंध एवं औषधीय पौधों की उत्पादन तकनीकी की जानकारी दी। इस मौके पर वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. वीपी खंडूड़ी, नवीन तड़ियाल, गुरु प्रसाद पंत, अजय पंत, राकेश चमोली, महावीर बहुगुणा, गुड्डी देवी, दीपा देवी, पुष्पा देवी, सुनीता देवी आदि मौजूद थे।
किसानों को केंचुआ खाद बनाने का दिया प्रशिक्षण
चिन्यालीसौड़। कृषि विज्ञान केंद्र में कृषक गोष्ठी एवं कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए केंचुआ खाद बनाने एवं टेट्रावर्मी बेड लगाने की विधियों के बारे में जानकारी दी गई। मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी के साथ उन्नत प्रजातियों के प्रयोग से ही सुधार होगा। केंद्र के उद्यान विज्ञान विशेषज्ञ डा. पंकज नौटियाल ने विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस मौके पर बीना बिष्ट, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, केंद्र के कृषि प्रसार विशेषज्ञ डा. गौरव पपनै, नीरज जोशी, रोहिणी खोब्रागडे, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर आदि मौजूद थे। संवाद