तल्लानागपुर के ग्राम पंचायत सारी के झालीमठ में भूस्खलन थम नहीं रहा है। यहां प्रभावित 11 परिवार पहले से अपने घरों को छोड़कर स्कूल, पंचायत भवन व अन्यत्र घरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि अन्य मकानों पर भी दिनोंदिन दरारें पड़ रही हैं, जिससे हालात नाजुक हो रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बरसात से पूर्व विस्थापन की मांग की है।
चमोली व रुद्रप्रयाग जनपद की सीमांकन बिंदु कावेरी गदेरे के दाई तरफ पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से राजस्व ग्राम झालीमठ का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है। बीते 28 फरवरी से शुरू हुआ भूस्खलन यहां थम नहीं रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। पीड़ित सुरेश चंद्र, रमेश चंद्र, दिनेश चंद्र, विरेश चंद्र, कुशाल कुमार, अनिल आर्य आदि का कहना है कि दो सप्ताह से ग्रामीण दहशत के साए में जीने के लिए मजबूर हैं। प्रभावित पूजा देवी ने बताया कि प्रशासन व राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावितों को पांच किलो चावल, आटा, चीनी, नमक तक सीमित रखा है। उन्होंने बताया कि झालीमठ में 22 परिवार निवास करते हैं, लेकिन भूस्खलन से 11 परिवार पहले ही अपने घरों को छोड़कर अन्यत्र शरण लिए हुए हैं। इन हालातों में अगर बारिश हुई तो हालात नाजुक हो सकते हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व स्थानीय निवासी ईश्वर सिंह बिष्ट ने शासन, प्रशासन से झालीमठ का यथाशीघ्र विस्थापन की मांग की है। उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौडियाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक निरीक्षण कर चुके हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।