रुद्रप्रयाग में मांगों को लेकर जिला आपदा प्रबंधन के कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार।
- फोटो : RUDRAPRYAG
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं आपातकालीन परिचालन केंद्र के कर्मियों ने विनियमितीकरण सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया और धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्ष 2010 से कार्यरत कर्मियों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने 22 अक्तूबर तक मांगों पर कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
जिला आपदा प्रबंधन कर्मचारी संगठन के बैनर तले व जिलाध्यक्ष संतोष नौडियाल के नेतृत्व में कर्मियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया। कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में संविदा, आउटसोर्स, पीआरडी के माध्यम से बीते दस वर्ष से तैनात कर्मियों को विनियमित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अवकाश का प्रावधान एक समान करने, विनियमित होने तक एक ही पद पर कार्य कर रहे कार्मिकों के वेतनमान में समानता करने, कर्मियों का बीमा करने, वर्ष 2010 से कार्यरत कर्मियों के पद समाप्त न करना, शासनादेश के अनुसार फाइलों का संचालन पूर्व की तरह करना, स्थानांतरण भत्ता, अधिकारियों/ कर्मचारियों के विनियमितीकरण होने तक संविदा विस्तार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से करने की मांग की गई। इस मौके पर एनएस रजवार, सुरेंद्र सिंह कप्रवाण, भगवान सिंह रौथाण, सुरेंद्र पंवार, देवेंद्र खत्री, सर्वेश व्यास, रचना कनवासी, मुंशी चौमवाल, प्रभा गौड़, राजेंद्र सिंह रावत आदि शामिल थे। कार्य बहिष्कार के कारण आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व आपातकालीन परिचालन केंद्र से यात्रा सहित अन्य कोई जानकारी का आदान-प्रदान नहीं हुआ।