जयवीरी में कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे का करीब 12 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। राजमार्ग के बाधित होने से जहां दो तरफा यातायात बंद हो गया है, वहीं केदारनाथ व बदरीनाथ सहित तुंगनाथ और चोपता जाने वाले यात्रियों को करीब 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। साथ ही क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय ऊखीमठ पहुंचने के लिए भी कई किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को सुबह 9.15 बजे तहसील मुख्यालय ऊखीमठ से लगभग पांच किमी दूर जयवीरी में कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे का 12 मीटर भरभराकर ढह गया। चट्टान का काफी बड़ा हिस्सा अब भी झूल रहा है, जो कभी भी ढह सकता है। हाईवे बंद होने से पर्यटक स्थल चोपता, तृतीय केदार तुंगनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों/पर्यटकों की मुश्किलें भी बढ़ गई है। भले ही प्रशासन और पुलिस द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बदरीनाथ जाने वाले छोटे वाहनों को गुप्तकाशी-कालीमठ बैंड होते हुए विद्यापीठ से चुन्नी के रास्ते और बड़े वाहनों को गुप्तकाशी से रुद्रप्रयाग की तरफ भेजा जा रहा है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर कुंड से मक्कू बैंड की दूरी 24 किमी है, जबकि कुंड से भीरी होते हुए मक्कू बैंड की दूरी 36 किमी हैै। ऐसे में यात्रियों को अब 12 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। वही भीरी-मक्कूमठ मोटर मार्ग अधिकांश स्थानों पर संकरा और उबड़-खाबड़ है, जिससे छोटे वाहनों के संचालन में दिक्कत होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि के सहायक अभियंता अनिल बिष्ट ने बताया कि हाईवे का 12 मीटर हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। यह पूरा चट्टानी क्षेत्र है, जहां पर ऊपरी तरफ से कटान करना खतरे से खाली नहीं है। सब कुछ ठीक रहा, तो हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने में 8 से 10 दिन लग सकते हैं।
पुलिस जवान किए गए तैनात
कुंड-ऊखीमठ-गोपेश्वर हाईवे के अवरुद्ध होने से यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है। इन मार्गों के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल ने बताया कि यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत न हो, इसके लिए चिह्नित स्थानों पर मार्गदर्शन के लिए जवान तैनात किए गए हैं।
नौ किमी तक मोटर मार्ग संकरा व अति संवेदनशील
ऊखीमठ। प्रधान विजयपाल सिंह नेगी का कहना है कि भीरी से पलद्वाड़ी तक 9 किमी सड़क सबसे अधिक संवेदनशील है। दूसरी तरफ गुप्तकाशी-विद्यापीठ-चुन्नी बैंड से गोपेश्वर हाईवे तक चार किमी सड़क भी दयनीय है। उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि दोनों वैकल्पिक मोटर मार्गों के संवेदनशील स्थानों मक्कू बैंड, चुन्नी बैंड, कुंड, भीरी, कालीमठ बैंड, विद्यापीठ में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लोनिवि व पुलिस को जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। संवाद