भगवानपुर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहपुर में एक हफ्ते में दो लोगों की संदिग्ध बुखार से मौत हो चुकी है, जबकि गांव में सैकड़ों लोग संदिग्ध बुखार से पीड़ित हैं। इनमें अधिकतर लोगों का रुड़की, छुटमलपुर और भगवानपुर आदि जगह निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनके पास अभी गांव में संदिग्ध बुखार से मौत की जानकारी नहीं आई है।
जानलेवा डेंगू ने रुड़की क्षेत्र को निशाना बनाया हुआ है। यहां कुछ समय पहले ही गाधारोणा को हॉट स्पॉट घोषित किया गया था। इसके अलावा भलस्वागाज, मुंडलाना और हरजोली में भी डेंगू कहर बरपा रहा है। वहीं भगवानपुर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहपुर में भी संदिग्ध बुखार से एक सप्ताह में दो मौतें हो चुकी हैं। ग्रामीण राव शफात, राव उसमान, राव जीया, राव आयान, सुल्तान, आरिश, वाजिद, शाहिना और अजका आदि के अनुसार गांव निवासी एक युवती को करीब 20 दिन पहले बुखार हुआ था। परिजन हालत बिगड़ने पर उसे 17 अक्तूबर को रुड़की क्षेत्र के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दो दिन पहले ही गांव के एक अन्य युवक की भी संदिग्ध बुखार के चलते मौत हो गई। एक हफ्ते में गांव में दो लोगों की मौत होने से लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने बताया कि अभी भी करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव में 300 से 400 लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं। इनमें से गंभीर मरीजों का इलाज छुटमलपुर, रुड़की और भगवानपुर आदि जगह निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की ओर से अभी तक गांव में केवल एक बार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया था, जबकि गांव में फॉगिंग की जरूरत थी। मामले में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि खेड़ी शिकोहपुर गांव में फैल रही बीमारी की जानकारी नहीं मिली है। गांव में टीम को भेजकर मामले की जांच करवाई जाएगी।