रेलवे के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पत्र के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहीं पुलिस पत्र भेजने वाले की जानकारी हासिल करने में जुट गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस पूर्व में मिले इस तरह के धमकी भरे पत्रों की हैंडराइटिंग मिलान कर रही है। बता दें कि रुड़की रेलवे स्टेशन अधीक्षक को अप्रैल 2019 में भी इस तरह का धमकी भरा पत्र मिला था।
हालांकि पहले मिले पत्रों की तरह यह किसी की शरारत भी हो सकती है लेकिन मामला संवेदनशील होने के चलते पुलिस अलर्ट मोड में है। देर रात तक रेलवे और पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बचते रहे। रुड़की जीआरपी की कार्यवाहक थानाध्यक्ष ममता गोला ने बताया कि पत्र मिलने की जानकारी मिली है।
पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे पत्र
अप्रैल 2019 में इसी तरह का एक पत्र रुड़की रेलवे स्टेशन अधीक्षक को मिला था, जिसमें 13 मई को रेलवे स्टेशनों पर धमाके किए जाने की धमकी दी गई थी। उसके बाद रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हालांकि इस तरह के धमकी भरे पत्र नवंबर 2021 में मेरठ और हापुड के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को भी मिले थे।
20 साल से धमकी भरे पत्र भेज रहा: डीजीपी
उत्तराखंड में छह रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिलने डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति पिछले 20 साल से इस तरह के धमकी भरे पत्र भेज रहा है। फिर भी एहतियात बरती जा रही है।