हिस्ट्रीशीटर मनीष उर्फ बाबू की हत्या के मामले में तीन आरोपियों ने देर रात कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों का चालान कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सामने आया है कि मनीष की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। घटना के समय भी मनीष बच्चों का विवाद सुलझाने दुकान पर पहुंचा था।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के गोल भट्ठा निवासी हिस्ट्रीशीटर मनीष उर्फ बाबू की बृहस्पतिवार रात रंजिश के चलते तीन युवकों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने सिविल अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमकर हंगामा किया था। इस दौरान गोलभट्टा निवासी एक युवक पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई कर कोतवाली में हंगामा किया था। इसके चलते कोतवाली के एक गेट को बैरिकेड लगाकर बंद करना पड़ा था। बृहस्पतिवार रात करीब ढाई बजे तक हंगामा चलता रहा।
पुलिस ने किसी तरह भीड़ को शांत किया। शुक्रवार को इस मामले में मनीष की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक अमर चंद शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर गौरव निवासी मोहनपुरा, शिवा, आकाश निवासी गोलभट्ठा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीन अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि रात में तीनों आरोपियों में कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। उन्हें पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
स्थिति को भांपकर किया सरेंडर
हत्या के मामले में ऐसा कम ही होता है कि आरोपी खुद कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दें। मनीष हत्याकांड में माना जा रहा है कि आरोपियों को इस बात का डर था कि भीड़ उत्तेजित हो रही है और वे सुरक्षित नहीं हैं। शायद इसी डर से उन्होंने सरेंडर कर दिया। हालांकि, पुलिस को भी यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन पुलिस उस समय हैरत में पड़ गई, जब आरोपियों ने न केवल खुद को सरेंडर कर दिया बल्कि कोतवाली प्रभारी अमरचंद शर्मा की मेज पर निकालकर तीन तमंचे रख दिए।