रुड़की तहसील में कर्मचारी द्वारा किसान के साथ की गई मारपीट का आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन करते भाकय?
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तहसील में मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने आए किसान के साथ मारपीट के मामले में भाकियू (टिकैत) ने दूसरे दिन भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के कर्मचारी के खिलाफ जांच के आदेश देने पर किसानों ने धरना समाप्त किया। तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम मामले की जांच करेगी।
दो दिन पहले लिब्बरहेड़ी निवासी धर्मेंद्र तहसील में मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आए थे। लंच टाइम होने पर खिड़की बंद हो गई थी। इस पर वह कक्ष में अंदर प्रमाणपत्र लेने चले गए। आरोप है कि अंदर बैठे कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर दी। किसान ने सूचना भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारियों को दी थी। किसानों ने शाम को ही तहसील पहुंचकर आरोपी के खिलाफ धरना शुरू कर दिया था। धरनारत किसानों से वार्ता करने एएसडीएम विजय नाथ शुक्ल और तहसीलदार चंद्रशेखर मौके पर पहुंचे थे, लेकिन किसान नहीं माने और कर्मचारी को निलंबित करने की मांग की। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में किसानों ने भाकियू के बैनर तले तहसील में पहुंचकर तहसीलदार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने आरोप लगाया कि तहसील में छोटे-छोटे काम के लिए किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है, इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार चंद्रशेखर ने किसानों को बताया कि मामले में जांच के आदेश जारी हो गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि तहसीलदार के नेतृत्व में जांच कमेटी मामले की पड़ताल करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। मौके पर भाकियू के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, प्रदेश महासचिव रवि कुमार, जिला महासचिव संजीव चेयरमैन, रवि चौधरी, अरविंद राठी, विनोद कुमार, उमेश प्रधान, जितेंद्र प्रधान, वरुण, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद शमीम, मसरूर सलमानी, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद हारुन, राजकुमार, मोहम्मद नदीम मौजूद रहे।