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जर्जर बिजली के खंभे बने जान के दुश्मन

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रुड़की में गणेशपुर रेलवे रोड स्थित दयालबाग कालोनी के पास जर्जर हालत में खड़े विद्युत पोल पर रखा ट - फोटो : ROORKEE
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शहर में कई मोहल्लों में नीचे से जर्जर हो चुके बिजली के खंभे लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। कई बार तो बड़े हादसे होने से भी बच गए हैं। इसके बावजूद ऊर्जा निगम इन खंभों को बदलवाने को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
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शहरी क्षेत्र में रामनगर, कृष्णानगर, आजाद नगर, दुर्गा कॉलोनी, सती मोहल्ला, शिवपूरम, सिविल लाइंस, दयालबाग कॉलोनी, सोलानीपुर आदि ऐसी कॉलोनियां हैं जहां बिजली के खंभे नीचे से जर्जर हो चुके हैं। कुछ खंभे ऐसे हैं जो किसी वजह से बीच से टूटने की कगार पर पहुंच गए हैं। कुछ खंभों की स्थिति ऐसी है कि वे हल्की हवा भी बर्दाश्त नहीं कर सकते। ऐसे में इन खंभों के पास से गुजरते समय लोगों को डर लगने लगा है। यदि खंभे गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा नहीं है कि ये खंभे कभी टूटकर नहीं गिरे हैं। अक्सर शहर में ऐसे खंभे टूटकर गिर जाते हैं। गनीमत ये रही कि कभी इनसे बड़ा हादसा नहीं हुआ।
छह महीने पहले खंभे बदलने का किया था दावा
ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने छह महीने पहले दावा किया था कि दो महीने के अंदर शहर के अंदर जर्जर खंभों को बदला जाएगा। दावा किया था कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। काम भी शुरू होने वाला है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के ये दावे हवाई साबित हो रहे हैं। आज तक कोई खंभा नहीं बदला गया है।
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हाल ही में हुई घटनाएं
केस एक- 17 जुलाई को रामनगर में ऊर्जा निगम के कर्मचारी जर्जर खंभे पर चढ़कर तार ठीक कर रहा था। जैसे ही कर्मचारी सीढ़ी के सहारे ऊपर तक पहुंचा अचानक खंभा नीचे से टूट गया। गनीमत रही कि उस खंभे पर चारों ओर से तार बंधे हुए थे और तार ठीक करने के लिए लाइन को बंद किया हुआ था।
केस दो- 05 नवंबर को सोलानीपुरम में लंबे समय से जर्जर बिजली का खंभा अचानक कमजोर होकर टूट गया। टूटा खंभा पास की कॉलोनी में गिरने लगा। यहां भी खंभे पर बंधे बिजली के तारों ने उसे संभाल लिया, ऐसे में बड़ा हादसा होने से टल गया। अगले दिन ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने आकर खंभे को बदल दिया था।
केस तीन- 12 मई को रामपुर स्थित एक कॉलोनी में एक जर्जर खंभा टूटकर पास में एक घर की दीवार के सहारे गिर गया। खंभे के टूटने की जानकारी मकान मालिक ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को दी। साथ ही घर में खंभे से करंट फैलने की आशंका जताई। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मौके पर कर्मचारी तो भेजा, लेकिन उसने खंभा हटाया नहीं। तीन दिन बाद दोबारा शिकायत करने पर कर्मचारियों ने वहां नया खंभा लगाया।
अधीनस्थ अधिकारियों को क्षेत्र में जर्जर खंभों को चिह्नित करवाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जहां ज्यादा जर्जर खंभे हैं उन्हें तुरंत बदला जाएगा। साथ ही अन्य जर्जर खंभों का टेंडर निकलवाकर उन्हें बदला जाएगा। यदि किसी के यहां कोई खंभा ज्यादा जर्जर है तो वे विभाग में शिकायत कर सकता है, उनका खंभा भी तुरंत बदला जाएगा।
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- राहुल जैन, अधीक्षण अभियंता
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