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पार्किंग शुल्क के नाम पर जायरीनों से हो रही अवैध वसूली

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लियर में उर्स मेले में जायरीनों को दी जा रही निर्धारित शुल्क से अधिक की रसीद। - फोटो : ROORKEE
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दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स में कलियर शरीफ पहुंचने वाले बाहरी जायरीनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार नियमावली के विरुद्ध जायरीनों से वाहन पार्किंग शुल्क अधिक वसूल रहा है। जायरीनों ने स्थानीय लोगों से शिकायत की। स्थानीय लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को पूरी जानकारी दी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि शिकायत सही पाए जाने पर ठेकेदार का पार्किंग ठेका रद्द किया जाएगा। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। कलियर शरीफ में साबिर पार्क के सालाना उर्स की तैयारियों को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह खुद व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। उनका प्रयास है कि देश के कोने-कोने से पहुंचने वाले जायरीनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कुछ दिन पहले प्रशासन की ओर से यहां पार्किंग के लिए ठेका छोड़ा गया था। पार्किंग ठेके की नियमावली में चार पहिया वाहनों के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने 50, 100 और 150 रुपये की रशीद छपवा रखी है। जायरीनों से ठेकेदार की ओर से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही उन्हें ये रशीदें दी जा रही हैं। जायरीनों ने स्थानीय लोगों से इसकी शिकायत की। इस पर स्थानीय लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह से अवगत कराया और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि पार्किंग के लिए अवैध वसूली का मामला संज्ञान में आया है। मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ठेकेदार का ठेका रद्द कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर आरोप सही पाए गए तो ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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देश के कोने-कोने से आते हैं जायरीन
उर्स के दौरान कलियर में राजस्थान, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों के जायरीन पहुंचते हैं। ये लोग अपनी कार, बसों से आते हैं और कई-कई दिनों तक कलियर में ही रहते हैं। ऐसे में इन्हें रोजाना पार्किंग शुल्क देना पड़ता है। बताया जा रहा है कि इसी का लाभ ठेकेदार उठा रहा है और शुल्क के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है।
जायरीनों से होती है अभद्रता
बताया जा रहा है कि जायरीन पार्किंग शुल्क अधिक लेने का विरोध करते हैं तो ठेकेदार और उसके कर्मचारी अभद्रता करने पर उतर आते हैं। साथ ही कहीं भी वाहन पार्क न होने देने की धमकी देते हैं। ठेकेदार की धमकी के चलते जायरीनों को मजबूरन अधिक शुल्क देने पर मजबूर होना पड़ता है।
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