रुड़की। धनतेरस पर रुड़की के बाजारों में खूब रौनक रही। लोगों ने बाजार में पहुंचकर बर्तन, सोने-चांदी के सिक्के, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद आदि की जमकर खरीदारी की। कुछ लोगों ने कई दिन पहले से ही अपने-अपने वाहन या अन्य सामान की बुकिंग कर रखी थी। कारोबारियों के अनुसार कोरोनाकाल के बाद धनतेरस पर कारोबार में अच्छा उछाल देखने को मिला है। बाजार की भीड़ को देखते हुए धनतेरस पर करीब 40 से 50 करोड़ के कारोबार होने का अनुमान है।
धनतेरस पर शहर के शॉपिंग मॉल्स में भी खूब भीड़ रही। रेडीमेड कपड़ा, जनरल स्टोर, कॉस्मेटिक्स, जूता-चप्पल, जींस-टी-शर्ट की दुकानों पर लोगों ने खूब खरीदारी की। मॉल्स पर ऑफर ने लोगों को लुभाया। कहीं 10 प्रतिशत छूट दी गई तो कहीं कूपन ऑफर दिया गया। गिफ्ट पैक ने भी अपनी ओर आकर्षित किया। ब्रांडेड से लेकर लोकल आइटम भी खरीदे गए। ड्राईफूड भी लोगों की पसंद रहे। शहर के सबसे मुख्य बाजार सिविल लाइंस, मेन बाजार, बीटीगंज, रामनगर, प्रेमनगर, साकेत मार्केट, आजाद नगर, बीएसएम चौक के साथ ही अन्य बाजारों में मंगलवार को दुकानों पर सुबह ही धनतेरस को लेकर खरीदारी शुरू हो गई थी। धनतेरस पर लोग बर्तनों एवं सोने-चांदी के सिक्कों के साथ ही ज्वेलरी खरीदने को शुभ मानते हैं। ऐसे में ग्राहकों की सबसे अधिक भीड़ बर्तनों की दुकानों पर देखने को मिली। लोगों ने कूकर, कढ़ाई, डिनर सेट, थालियों के सेट आदि की जमकर खरीदारी की। इसके अलावा सराफा बाजार में भी लोगों ने सोने और चांदी के सिक्कों की खरीदारी की। इसके अलावा लोगों ने चांदी के बर्तन और मां लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदीं। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में भी ग्राहकों की भारी चहल-पहल दिखाई दी। छात्रों ने जहां फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि की खरीदारी की, वहीं घरों में इस्तेमाल के लिए एलसीडी, गीजर, माइक्रोवेब आदि उत्पाद खरीदे। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री नवीन गुलाटी के अनुसार दो साल कोरोनाकाल में गुजारने के बाद लोग अब जाकर बाहर निकले हैं। ऐसे में बाजार में भीड़ अच्छी खासी थी। लोगों की खरीदारी से कारोबारियों में काफी उत्साह दिखाई दिया। एक अनुमान के अनुसार इस बार करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। उधर, रुड़की सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय चौहान के अनुसार धनतेरस पर कारोबार अच्छा रहा। हालांकि सराफा बाजार में सही मायने में कितना कारोबार हुआ है, इसका पता दो से तीन दिनों के बीच चल पाएगा। बताया कि इस बार लोगों ने ज्वेलरी के बजाय सोने और चांदी के सिक्के ज्यादा खरीदे।
जाम से जूझे, नहीं हुआ उत्साह कम
धनतेरस पर खरीदारी के लिए शहर के मेन बाजार, बीटी गंज, सिविल लाइंस समेत अन्य बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं स्थायी के साथ ही अस्थायी दुकानदारों ने भी सड़कों के किनारे अपना सामान सजाकर रखा है। बाजार की सड़कें संकरी हो गई हैं। ऐसे में सुबह से ही बाजार की सड़कों पर जाम लगना शुरू हो गया। हालांकि जाम के बावजूद लोगों में खरीदारी को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ।
पुलिस का रहा जगह-जगह पहरा
बाजार में भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शहर के मुख्य बाजारों में चौपहिया और ई-रिक्शा पर रोक लगा दी थी। सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को लौटाया गया। साथ ही दोपहिया वाहनों को बाजार में जाने की अनुमति दी गई। इससे सड़कों पर जाम जरूर लगा। हालांकि बाजार में स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस लगातार बाजार में गश्त कर स्थिति का जायजा लेती रही।
वाहनों का बाजार भी रहा गर्म
रुड़की। शहर में इस धनतेरस पर चौपहिया वाहनों के बाजार में जहां उछाल देखने को मिला, वहीं दोपहिया वाहनों का कारोबार भी रंग पर रहा। अमर होंडा शोरूम के ऑनर नितिन सिंघल के अनुसार इस साल धनतेरस में उनके सभी शोरूम से करीब 850 बाइकें सेल हुई हैं। इस फेस्टिवल महीने में करीब आठ करोड़ का कारोबार हो चुका है। उधर, शाकुंभरी ऑटोमोबाइल के एजीएम संजीव सक्सेना ने बताया कि उनके दोनों शोरूम से करीब 100 चौपहिया वाहनों की बिक्री हुई है। उनके अनुसार करीब छह करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। बताया कि उनके पास दीपावली तक करीब 300 गाड़ियों की एडवांस बुकिंग है।