महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत किट वितरित की गई। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
शुक्रवार को बाल विकास विभाग रुड़की ग्रामीण द्वितीय की ओर से शंकरपुरी में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि विभाग ने पोषाहार और अन्य योजनाएं संचालित की हैं। महिलाओं को विभाग में पंजीकरण करवाकर इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। बताया कि हाल ही में सरकार ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना शुरू की है। योजना के तहत परिवार में पहली और दूसरी बेटी पैदा होने पर एक किट दी जाती है। इसमें नवजात बच्चे के कपड़े और महिला के लिए काजू, किसमिस और दाल आदि सामान दिया जाता है। इस मौके पर आंगनबाड़ी केंद्र एक और चार पर पांच महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। कार्यक्रम में सुपरवाइजर संजेश, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम, मंजू, मनीता, मोनिका, काजल, स्वाति और सोनिया आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विधायक को गिनाई समस्याएं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सुल्तानपुर में क्षेत्रीय विधायक से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मानदेय में बढ़ोतरी और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन दिलाए जाने की मांग की है। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय अध्यक्ष उमा रानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय विधायक लक्सर संजय गुप्ता से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल सुंदर बाला, सीमा गुप्ता, संतोष देवी, मधुबाला, दीपा सैनी, प्रीति, कोमल, सरिता, गीता, मितलेश, शिक्षा और ओमलता आदि ने कहा कि वे महीने में पूरे 30 या 31 दिन विभाग का काम करती हैं। कोविड के दौरान भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर कंटेनमेंट जोन के भीतर सेवा दी है। उनके काम को देखते हुए उनका मानदेय बहुत कम है। क्षेत्रीय विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि 10 अक्तूबर को होने वाली जनसभा में मुख्यमंत्री को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों से अवगत कराएंगे।