रुड़की। ब्लॉक सभागार में बाल विकास विभाग की ओर से पोषण माह के समापन कार्यक्रम में 45 महिलाओं को महालक्ष्मी किट बांटी गई। साथ ही महिलाओं को अपने बच्चों को कुपोषण का शिकार होने से बचाने के लिए दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की जानकारी दी गई। बताया कि बच्चे के अतिकुपोषित पाए जाने पर लापरवाही बरतने के बजाय उसका पोषण पुनर्वास केंद्र पर इलाज जरूर करवाएं।
बृहस्पतिवार को ब्लॉक सभागार में बाल विकास विभाग की ओर से एक माह से चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह का समापन किया गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत किट वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर विधायक प्रदीप बत्रा रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर साकार हो रही हैं। सरकार ने महिलाओं और नवजात शिशुओं की तंदुरुस्ती के लिए मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना शुरू कर महिलाओं को लाभान्वित किया है। इस मौके पर सीडीपीओ संदीप अरोड़ा ने कहा कि विभाग की ओर से पोषण माह के तहत महिलाओं को जानकारी दी गई कि वे अपने बच्चों को किस तरह से कुपोषण का शिकार होने से बचा सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को अपने खानपान के साथ ही नियमित तौर पर जांच करवाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चे के कुपोषण या अतिकुपोषण का शिकार होने पर उसका पोषण पुनर्वास केंद्र पर इलाज जरूर करवाएं। बताया कि कार्यक्रम में 45 महिलाओं को महालक्ष्मी योजना के तहत किट वितरित की गई। कार्यक्रम में विधायक ने पोषण माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया।