गाधारोणा गांव में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक साथ 84 और मरीज मिलने से यहां डेंगू पीड़ितों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। एहतियातन प्रशासन ने गांव को डेंगू का हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। बड़ी संख्या में मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 75 और लोगों के सैंपल लिए हैं। क्षेत्र के कई और गांवों में भी डेंगू से हाल बेहाल है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिविल अस्पताल में 30 बेड का डेंगू वार्ड बना दिया गया है। यहां दो दिन में ही गाधारोणा, चुड़ियाला, खेड़ी शिखोपुर, भगवानपुर, सुभाषनगर आदि जगहों के 14 मरीज भर्ती हैं।
कुछ दिनों से बदलते मौसम के बीच शहर से देहात तक डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अकेले गाधारोणा में ही मरीजों की संख्या 103 पहुंच गई है। करीब एक सप्ताह पहले एक साथ डेंगू के 19 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर 97 लोगों के सैंपल लिए थे। इनमें से 48 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके बाद लिए गए 66 लोगों के सैंपलों में भी 36 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गांव में लगातार बढ़ती डेंगू पीड़ितों की संख्या देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसे हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। वहीं, बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर शिविर लगाया और बुखार से पीड़ित 75 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। दो मरीजों की हालत गंभीर देख उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने गाधारोणा पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान प्रेम गिरी, रवि गिरी, जितेंद्र, सईद राणा मौजूद रहे।
इसके अलावा कई अन्य गांवों में भी डेंगू कहर बरपा रहा है। शहर के मोहनपुरा, सुभाषनगर, दुर्गा कॉलोनी, अंबर तालाब आदि जगहों से डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। सिविल अस्पताल में बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां डेंगू वार्ड में गाधारोणा के सात, चुड़ियाला के दो, खेड़ी शिकोहपुर के तीन, भगवानपुर का एक, सुभाषनगर का एक, माजरा का एक, अंबर तालाब का एक, जलालपुर और सुनहरा का एक-एक मरीज भर्ती है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डेंगू पीड़ितों की संख्या को देखते हुए वार्ड बनाकर डॉक्टरों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भलस्वागाज गांव में भी संदिग्ध बुखार का प्रकोप
क्षेत्र के भलस्वागाज गांव में भी संदिग्ध बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर तीसरे घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच करने नहीं पहुंच रही है। इसे लेकर लोगों में रोष है।
झबरेड़ा क्षेत्र के भलस्वागाज गांव में कई ग्रामीण कुछ दिनों से संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं। बताया जा रहा है कि निजी लैबों में जांच करवाने पर कई लोग डेंगू से पीड़ित मिले। ग्रामीणों के अनुसार, कई घरों में दो से तीन लोग संदिग्ध बुखार से पीड़ित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन यहां लोगों के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। मास्टर लाखन सिंह राणा का कहना है कि उनके घर में ही चार मरीज डेंगू से पीड़ित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सुध नहीं ली गई। भूरा ने बताया है कि उनका भतीजा डेंगू की चपेट में आ गया था। उसका उपचार निजी चिकित्सक की देखरेख में कराया गया। गांव में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है।
इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। डिंपल राणा ने बताया कि उनके परिवार में पांच लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं। जांच के दौरान इनकी प्लेटलेट्स कम पाई गई हैं। उनका रुड़की के निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। शेर अली, सुभाष और बबिता आदि की भी बुखार के साथ प्लेटलेट्स कम हो गई है। रुड़की स्थित तुलसी हॉस्पिटल के डॉक्टर नवीन बंसल ने बताया कि उनके यहां भलस्वागाज क्षेत्र के कई मरीज आ चुके हैं, जिनमें डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जटोल गांव से भी डेंगू के कई मरीजों का इलाज किया गया है।
गाधारोणा गांव के साथ ही मोहनपुरा, चुड़ियाला समेत कुछ अन्य गांवों पर स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है। भलस्वागाज गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। डेंगू के मरीज मिलने पर यहां कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाया जाएगा। लोगों को भी डेंगू से सतर्क रहने की जरूरत है।
-डॉ. गुरनाम सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी